Self Employment Schemes by Government

 स्वरोज़गार योजनाएँ || Swarojgaar Yojnayen|| 

स्वरोज़गार के लिए केंद्र सरकार की योजनाएं| शहरी ग़रीब युवाओं के लिए सरकार की योजनाएँ|



इस विषय में सरकार ने क्या क्या योजनाएँ शुरू कीं

केंद्र सरकार की स्वरोज़गार योजनाएँ टिप्पणी
स्वरोज़गार योजनाए किसने शुरू की समय समय पर केंद्र सरकार ने योजनाओं को शुरू किया
योजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं के स्वरोज़गार को बढ़ावा देना जिन्हें कौशल और वित्त की कमी है । केंद्र सरकार ने ऐसे युवाओं के स्वरोज़गार के लिए कम ब्याज पर लोन और कौशल की व्यवस्था की है
मुद्रा लोन क्या है मुद्रा लोन 50 हज़ार से 20 लाख तक मिलता है। तथा 2 लाख तक के लोन के लिए बिना गैरंटी के मिलता है।
PM स्वनिधि योजना क्या है छोटे कौशलयुक्त कामगारों को वित्तीय सहायता देकर सरकार ऐसे लोगों के कौशल को बढ़ावा देती है।
क्या महिलायें भी स्वरोज़गार योजनाओं का लाभ ले सकती है महिलाएँ सामान रूप से इन सभी योजनाओं का लाभ ले सकती है

     केंद्र सरकार ने बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है। यहाँ हम स्वरोजगार के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा करेंगे। 
    भारत, जो कि दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा विकासशील देश है, बेरोजगारी की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। इस समस्या के समाधान और रोजगार के नए अवसरों की खोज के लिए, केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं को लागू किया है।

    स्वरोजगार योजनाएं नागरिकों को वित्तीय और शैक्षणिक सहायता प्रदान करती हैं, जिससे उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया जा सके और उन्हें नया स्टार्ट अप दिया जा सके। सरकार ने बेरोजगारी के मुद्दे से निपटने के लिए कई योजनाएं विकसित की हैं। आज हम ऐसी ही योजनाओं के बारे में जानेंगे।

स्वरोज़गार क्या है?

    स्व-रोजगार एक ऐसा रोजगार है जिसमें व्यक्ति या समूह दूसरों के लिए कार्य करने के बजाय स्वयं के लिए कार्य करता है और फर्म के लाभ से आय प्राप्त करता है। भारत में स्वरोजगार से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों ने अनेक नागरिकों को रोजगार प्रदान किया है और नए रोजगार के अवसर उत्पन्न किए हैं। भारत की केंद्रीय सरकार देशभर में लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने हेतु कई योजनाएं संचालित करती है। भारत में उपलब्ध स्वरोजगार योजनाओं की सूची निम्नलिखित है।

             1.  प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना

    यह योजना खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा देश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को उत्पन्न करने के उद्देश्य से आरंभ की गई है। भारत का कोई भी नागरिक, जो अल्पसंख्यक आयु (18 वर्ष) को पार कर चुका है, इस योजना का लाभ उठाने के लिए योग्य है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना केवल नवाचारों के लिए है, स्थापित उद्यमों के लिए नहीं।

इस योजना के तहत, केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान की गई परियोजना की अधिकतम लागत उत्पादन क्षेत्र के लिए 25 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

            2.     प्रधानमंत्री रोज़गार योजना

     प्रधानमंत्री रोजगार योजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे 1993 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य उन शिक्षित युवाओं को आत्म-रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जो नौकरी पाने में असमर्थ हैं। यह योजना विशेष रूप से बेरोजगार महिलाओं और युवाओं को ऋण उपलब्ध कराती है। इस ऋण के माध्यम से युवा भारत विभिन्न क्षेत्रों में नवोन्मेषी विचारों के साथ अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।

     इस योजना के अंतर्गत, उधारकर्ताओं को 1 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है और उन्हें 15 से 20 दिनों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। ऋण को चुकाने की अवधि 3 से 7 वर्ष निर्धारित की गई है।

  3.   स्वयं सहायता समूहों के लिए सूक्ष्म ऋण योजना

    स्वयं सहायता समूहों के लिए सूक्ष्म ऋण योजना उन सदस्यों के लिए बनाई गई है, जो आमतौर पर ग्रामीण या शहरी झुग्गी-झोपड़ियों में निवास करती हैं। इस योजना का संचालन राष्ट्रीय विकास एवं वित्त निगम मंत्रालय द्वारा किया जाता है। सूक्ष्म ऋण योजना के अंतर्गत, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को 7% ब्याज दर पर 1 लाख रुपये तक की छोटी राशि प्रदान की जाती है। इस ऋण की चुकौती की अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है।

    4.    देश के शहरी ग़रीबों के लिए सरकार की   योजनाएँ

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    शहरी गरीबों के लिए स्वरोजगार कार्यक्रम योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले गरीब व्यक्तियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है। इस योजना में भाग लेने के लिए किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है, और कोई भी व्यक्ति या तीन से अधिक सदस्यों वाला समूह आवेदन कर सकता है। समूहों के लिए स्वीकृत ऋण की अधिकतम राशि 10 लाख रुपये और व्यक्तिगत आवेदकों के लिए 2 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस योजना में ब्याज दर 7% है, और ऋण की वापसी की अवधि 5 से 7 वर्ष के बीच

                   5.  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

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                        PM मुद्रा योजना

      कई युवा नवप्रवर्तक कुछ अनोखा करने का प्रयास करते हैं। केंद्र सरकार ने इन नवप्रवर्तकों को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत की है। यह योजना विभिन्न सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को ऋण उपलब्ध कराने का कार्य करती है।

शिशु ऋण- शिशु ऋण के अंतर्गत अधिकतम 50,000 रुपये की ऋण राशि प्रदान की जाती है। यह ऋण नए व्यवसाय की स्थापना के लिए दिया जाता है।

किशोर ऋण- किशोर ऋण की राशि 50,001 रुपये से लेकर 5,00,000 रुपये तक होती है। यह ऋण उन स्थापित उद्योगों को दिया जाता है जो नए उपकरण और कच्चा माल खरीदने की योजना बना रहे हैं।

तरुण ऋण- तरुण ऋण की राशि 5,00,001 रुपये से लेकर 10,00,000 रुपये तक होती है। यह उन व्यवसायों को प्रदान किया जाता है जो पहले से संचालित हैं और विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं।

 6.   दीन दयाल उपाध्याय– ग्रामीण कौशल्य योजना  

पात्रता  

- आवेदक को भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।  

- 15 से 35 वर्ष की आयु के बीच के व्यक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए योग्य हैं।  

- महिलाओं और अन्य कमजोर वर्गों, जैसे कि विकलांग व्यक्तियों के लिए, ऊपरी आयु सीमा को 45 वर्ष तक बढ़ा दिया गया है।  

लाभ  

- दीन दयाल उपाध्याय– ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) का मुख्य उद्देश्य गरीब ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रदान करना और उन्हें नियमित मासिक वेतन या न्यूनतम वेतन से अधिक की नौकरी दिलाना है।  

          7.  दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना  

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             दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना

पात्रता  

- कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक सभी भारतीय नागरिक इस योजना के लिए पात्र हैं।  

लाभ  

- इस योजना का उद्देश्य गरीबों को वित्तीय सहायता और समर्थन प्रदान करके कौशल विकास और स्व-रोजगार को प्रोत्साहित करना है।  

               8.   पीएम स्वनिधि योजना 

पात्रता

आवेदन  भारतीय नागरिक हो।

फेरीवाले जिनके पास शहरी स्थानीय निकायों (ULB) द्वारा जारी वेंडिंग प्रमाण-पत्र या पहचान पत्र हो।

फेरीवाले, जिनकी पहचान सर्वेक्षण में की गई है, लेकिन जिन्हें वेंडिंग प्रमाण-पत्र या पहचान पत्र नहीं मिला है।

छोटे कामगार, मिस्त्री, टेलर, खाती, मोची, आदि के लिए ये लोन की व्यवस्था।

लाभ

10,000 रुपये तक कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना।

नियमित भुगतान को प्रोत्साहित करना।

डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना।

           9.   प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

 पात्रता

उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। 12वीं कक्षा छोड़ने वाले या 10वीं पास छात्र अपने कौशल को निखारने के लिए पीएमकेवीवाई में पंजीकरण कर सकते हैं। भारतीय राष्ट्रीयता के किसी भी व्यक्ति की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

लाभ

युवाओं के लिए कौशल विकास के विकल्पों को समझने के लिए एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना। कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन के लिए युवाओं को सहायता प्रदान करना। निजी क्षेत्र की अधिकतम भागीदारी के लिए स्थायी कौशल केंद्रों को प्रोत्साहित करना।

                     10     NCS Portal

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                          NCS पोर्टल

      भारत सरकार ने रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं के लिए एक पोर्टल शुरू किया है जिसका नाम है नेशनल करियर सर्विस पोर्टल। इस पोर्टल के माध्यम से आपको देश भर में कहीं पर भी वैकेंसी होने पर सूचना मिलेगी। यह समस्या देश के बेरोजगार युवाओं की एक मूलभूत समस्या थी क्योंकि उन्हें समय रहते वैकेंसी होने का पता ही नहीं चल पाता था। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने यह पोर्टल शुरू किया है।

जॉब तलाशने की प्रक्रिया आसान हुई 

     नई दिल्ली (नवीनतम सरकारी नौकरियां)। भारत में राज्य और केंद्रीय स्तर पर कई सरकारी नौकरियां आई हैं। सरकारी नौकरी करने के इच्छुक युवा इनके नोटिफिकेशन को विभिन्न जॉब पोर्टल पर देखते रहते हैं। सरकारी नौकरी ढूंढना भी किसी कठिन प्रक्रिया से कम नहीं है। हालांकि, इसे आसान बनाने के लिए सरकार ने नेशनल करियर सर्विसेस नामक जॉब पोर्टल शुरू किया है। 

              11.   लखपति दीदी योजना 

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1 से 5 लाख तक महिलाओं को ब्याजमुक्त लोन देगी सरकार 

    सरकार ने आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदी योजना शुरू की थी| इस योजना के तहत, सरकार पात्र महिलाओं को 1-5 लाख रुपये तक की ब्‍याजमुक्‍त आर्थिक सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके साथ ही, सरकार उन्हें बेहतर मार्केट सपोर्ट भी प्रदान करती है जिससे कि उनका व्यवसाय सफल हो सके। इस योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, रोजगार प्रदान करना, उनके जीवनशैली को सुधारना और उनकी आय में वृद्धि करना है।

              12.    स्वर्णिम लोन योजना 

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                         स्वर्णिम लोन योजना

यह एक टर्म लोन योजना है जिसे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम द्वारा शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनकी सहायता करना है।

इसके अंतर्गत केंद्र सरकार और राज्य सरकार ऐसी महिलाओं को योजनाओं का लाभ प्रदान करते हैं जिनके परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से कम होती है और उन्हें अधिकतम दो लाख रुपये तक का लोन प्रदान किया जाता है।

          13.   प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

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                    प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

       केंद्र सरकार ने विश्वकर्मा योजना के नाम से एक योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब लोगों और मजदूर वर्ग को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत किसी भी कला जैसे मूर्तिकला, सुनार, लोहार आदि में कुशल व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य लक्ष्य लोगों की कला को उनके पेशे के रूप में वैध बनाना है। सरकार चाहती है कि अगर किसी के पास कोई हुनर ​​है, कोई हुनर ​​है तो वे उस कला को निखारें और उसे अपने उद्योग के रूप में सजाएं। इसके लिए सरकार आर्थिक मदद करेगी और उन्हें 3 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देगी। इस तरह देश में गरीबी और बेरोजगारी को खत्म किया जा सकेगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। 

Fast Asking Question:

Q. बेरोज़गारी दूर करने के लिए सरकार ने क्या योजनाएँ शुरू की है?

Ans. बेरोज़गारी दूर करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार नौकरियों को बढ़ावा देने के लिए लक्ष्य के साथ काम कर रहे है। कम पढ़े लिखे युवकों के लिए सरकार स्वरोज़गार के लिए कई प्रकार से लोन देकर सहायता कर रही है।

Q. रोज़गार स्रजन योजना क्या है?

Ans. मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी), पिछड़ा वर्ग (बीसी), अल्पसंख्यक और दिव्यांग वर्ग के युवाओं को अपने स्वयं के व्यवसाय की स्थापना या स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिस्पर्धी दरों पर ऋण प्रदान करना है, जो आसानी से सुलभ और तुलनात्मक रूप से कम ब्याज दर पर उपलब्ध हो।

Q. सरकार बेरोज़गारों को क्या सहायता दे रही है?

 Ans.    राजस्थान बेरोजगारी भत्ता योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ते के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत बेरोजगार पुरुषों को ₹4000 और महिलाओं को ₹4500 की राशि दी जाएगी। यह सहायता लाभार्थियों को 2 वर्षों तक या तब तक मिलेगी जब तक उन्हें कोई रोजगार नहीं मिल जाता, जो भी पहले हो।


      इस आर्टिकल में हमने उस सभी मुख्य योजनाओं का उल्लेख किया  है जिसका भरपूर लाभ देश के उन गरीब युवाओं और महिलाओं को मिला है जिनके पास स्वरोज़गार करने के लिए कोई वित्तीय सहायता नही थी और ना ही कौशल। देश की वर्तमान सरकार ने हर तबके के लिए कोई ना कोई ऐसी योजना की शरुआत की है जिससे गरीब लोगों का उत्थान हो सके।

दोस्तो, आशा करते है की ये लेख आपको अवश्य पसंद आया होगा। किसी प्रकार की सूचना के लिए कॉमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें।तथा योजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए उनकी अधिकृत वेब्सायट पर विज़िट करे। धन्यवाद ||

Author:Balesh Bhardwaj 

31-8-2024

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