Pandit Deendayal antyodaya Shahri Yojna

    || पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय शहरी योजना ||

यदि आप अपना व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो इस योजना का लाभ उठाएं, सस्ते दर पर लोन उपलब्ध है, शीघ्र आवेदन करें।

विवरण P. दीनदयाल अंतयोदय शहरी योजना
यह योजना कब शुरू की गई इस योजना की शुरुआत
भारत सरकार, आवास और
शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय
(एमओएचयूपीए) ने 2013 में शुरू की
इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है इस योजना का मुख्य उद्देश्य
शहरी ग़रीबी दूर करना
इसके के लिए 1. बेरोज़गार
युवाओं को व्यवसाय के लिए
उचित वित्त व्यवस्था करना
2. कौशल विकास, 3. उचित प्रशिक्षण देना
दीनदयाल उपचार योजना क्या है इस उद्देश्य के लिए विभाग
को दीनदयाल अन्त्योदय
उपचार योजना के अंतर्गत रोगियों के लिए एंब्यूलेंस सेवा की व्यवस्था करने की
आवश्यकता है तथा बीमार
होने पर वित्त की व्यवस्था करना।
गाँव में मुख्य आजीविका क्या है ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि मुख्य
आजीविका का साधन है,
किंतु यहाँ आय के अन्य
कई स्रोत भी उपलब्ध हैं,
जैसे कृषि श्रमिक, ऋण लेना
, मधुमक्खी पालन, डेयरी
और पोल्ट्री व्यवसाय,
रेशम उत्पादन या रेशम
के कीड़ों और भेड़ों के
माध्यम से ऊन का उत्पादन,
और शिक्षित व्यक्तियों के लिए शिक्षण के अवसर है
NRLM की शुरुआत कब हुई इसी संदर्भ में मंत्रालय
 ने जून 2011 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की स्थापना की थी।
योजनाओं का मिशन क्या है सरकारी योजनाओं का
मिशन बच्चों, कन्याओं
और ग़रीबी तथा बेरोज़गारी को दूर करना

     दीनदयाल अंत्योदय योजना एक ऐसी योजना है जो शहरी बेरोजगार युवाओं को दो लाख रुपये तक का लोन प्रदान करती है। यह लोन उन युवाओं के लिए है जो शहरी क्षेत्रों में अपना व्यवसाय स्थापित करना या बढ़ाना चाहते हैं। आवेदन करने के लिए युवाओं को 31 सितंबर तक का समय दिया गया है।यदि आप अपना व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो इस योजना का लाभ उठाएं, सस्ते दर पर लोन उपलब्ध है, शीघ्र आवेदन करें। 

सरकार का उद्देश्य योजना बनाकर गाँव और गरीब बेरोज़गारों को व्यवसाय के लिए लोन की व्यवस्था करना।

Highlight:

  • दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय आजीविका मिशन: विस्तृत जानकारी
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है 
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना की प्रमुख विशेषताएँ योजना के प्रमुख घटक
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना की चुनौतियाँ
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना के लाभ 
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना के आवेदन की प्रक्रिया 
  • FAQ
  • निष्कर्ष

     सरकार द्वारा लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष रूप से युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार कई प्रकार की योजनाओं के तहत ऋण प्रदान कर रही है। इसी प्रकार की एक योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय आजीविका मिशन है, जिसके अंतर्गत दस हजार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभाग की ओर से बैंकों के माध्यम से दो लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

    यह योजना उन युवाओं के लिए है जो शहरी क्षेत्रों में अपना व्यवसाय स्थापित करना या बढ़ाना चाहते हैं। आवेदन करने के लिए युवाओं को 31 सितंबर तक का समय दिया गया है। यदि आप अपना व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो इस योजना का लाभ उठाएं, सस्ते दर पर लोन उपलब्ध है, शीघ्र आवेदन करें। 

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दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय आजीविका मिशन: विस्तृत जानकारी

दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय आजीविका मिशन भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी गरीबी को कम करना और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह योजना स्वर्गीय दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना।

योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है 

 *शहरी बेरोज़गारी दूर करना:  इस योजना का प्रमुख उद्देश्य शहरों में गरीबी को कम करना है। यह स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से शहरी युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर किया जाता है।

* स्वयं सहायता समूहों का गठन: यह योजना में शहरों में स्वयं सहायता समूहों में संगठित करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करती है।

 * कौशल विकास: योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण दिए जाते हैं ताकि वे रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त कर सकें।

 * बाजार पहुंच: स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित उत्पादों के लिए बाजार की सुविधा प्रदान करना भी इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

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योजना की प्रमुख विशेषताएँ  

      कौशल विकास और रोजगार सृजन के माध्यम से शहरी गरीबों को प्रशिक्षित करने के लिए इस मिशन के अंतर्गत 15 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर के लिए यह राशि प्रति व्यक्ति 18 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, शहरी आजीविका केंद्रों के माध्यम से शहरी नागरिकों द्वारा शहरी गरीबों को बाजार के अनुकूल कौशल में प्रशिक्षित करने की बढ़ती आवश्यकता को पूरा किया जाएगा।  

    सामाजिक एकता और संस्थागत विकास - यह प्रक्रिया स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के गठन के माध्यम से सदस्यों के प्रशिक्षण के लिए की जाएगी, जिसमें प्रत्येक समूह को 10,000 रुपये का प्रारंभिक वित्तीय समर्थन प्रदान किया जाएगा। पंजीकृत क्षेत्रों के स्तर पर महासंघों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

शहरी गरीबों के लिए सब्सिडी - सूक्ष्म उद्यमों (माइक्रो इंटरप्राइजेज) और समूह उद्यमों (ग्रुप इंटरप्राइजेज) की स्थापना के माध्यम से आत्म-रोजगार को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसमें व्यक्तिगत परियोजनाओं के लिए 2 लाख रुपये की ब्याज सब्सिडी और समूह उद्यमों के लिए 10 लाख रुपये की ब्याज सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।  

शहरी निराश्रय के लिए आश्रय - शहरी बेघरों के लिए आश्रयों के निर्माण की लागत योजना के अंतर्गत पूरी तरह से वित्त पोषित की जाएगी।  

अन्य साधन - बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से विक्रेताओं के लिए बाजार का निर्माण, कौशल विकास और कूड़ा उठाने वालों तथा विकलांग व्यक्तियों के लिए विशेष परियोजनाओं का कार्यान्वयन किया जाएगा।  

शहरी गरीबों के लिए सब्सिडी - सूक्ष्म उद्यमों (माइक्रो इंटरप्राइजेज) और समूह उद्यमों (ग्रुप इंटरप्राइजेज) की स्थापना के माध्यम से स्व-रोजगार को प्रोत्साहित किया जाएगा। व्यक्तिगत परियोजनाओं के लिए 2 लाख रुपये की ब्याज सब्सिडी और समूह उद्यमों के लिए 10 लाख रुपये की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी। 

योजना के प्रमुख घटक

 * स्वयं सहायता समूह: यह योजना का आधार है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को एक साथ आकर छोटे-छोटे उद्योगों को शुरू करती हैं।

 * कौशल विकास: योजना के तहत विभिन्न प्रकार के कौशल विकास प्रशिक्षण दिए जाते हैं जैसे कि सिलाई, बुनाई, हस्तशिल्प स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से जोड़ा जाता है ताकि वे ऋण ले सकें और अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें।

 * बाजार पहुंच: स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित उत्पादों के लिए बाजार की सुविधा प्रदान की जाती है।

 * सामाजिक सुरक्षा: योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाती है।

योजना की चुनौतियाँ क्या है?

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 * जागरूकता की कमी: कई ग्रामीण महिलाओं को इस योजना के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है।

 * बुनियादी ढांचे की कमी: कई ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी होती है जो योजना के कार्यान्वयन में बाधा डालती है।

 * बाजार की समस्या: स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित उत्पादों के लिए हमेशा बाजार उपलब्ध नहीं होता है।

अंत्योदय योजना के लाभ

  1. नागरिकों को स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से सरकार ने दीनदयाल अंत्योदय योजना की शुरुआत की है।  
  2. यह योजना शहरी गरीबी को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  
  3. लाभार्थियों को रोजगार के अवसर प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।  
  4. इसके अतिरिक्त, स्ट्रीट वेंडरों को वित्तीय सहायता और बेघर व्यक्तियों को स्थायी आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।  
  5. यह योजना शहरी गरीबों के लिए विभिन्न स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराने में सहायक सिद्ध होगी।  
  6. इस योजना के कार्यान्वयन हेतु राज्य और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।  
  7. इस योजना के अंतर्गत उन स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जो सूक्ष्म उद्यम गतिविधियों में संलग्न हैं।  
  8. यह योजना स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगी।  

दीनदयाल अंत्योदय योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है?

     यदि देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के गरीब लोग इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो उन्हें नीचे दिए गए प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। 
  • सबसे पहले, आवेदक को योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद, आपके सामने होम पेज प्रदर्शित होगा।
  •   इस मुख्य पृष्ठ पर आपको लॉगिन का विकल्प मिलेगा, जिस पर आपको क्लिक करना आवश्यक है। क्लिक करने के पश्चात, आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर अगला पृष्ठ प्रदर्शित होगा।
  • इस पृष्ठ पर आपको लॉगिन फॉर्म दिखाई देगा, जिसके नीचे रजिस्ट्रेशन का विकल्प उपस्थित होगा। आपको इस विकल्प पर क्लिक करना होगा। विकल्प पर क्लिक करने के बाद, अगले पृष्ठ पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जाएगा।
  • इस फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी, जैसे नाम, उपयोगकर्ता नाम, ईमेल पता, पासवर्ड, संपर्क नंबर, और सुरक्षा कोड, को भरना आवश्यक है।  
  • सभी विवरण भरने के पश्चात "Create New Account" पर क्लिक करना होगा।  
  • इसके बाद, आप इस लॉगिन के माध्यम से नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं और आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।  

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निष्कर्ष:

दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय आजीविका मिशन भारत की एक महत्वपूर्ण योजना है जो ग्रामीण गरीबी को कम करने और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए जागरूकता बढ़ाना, बुनियादी ढांचे में सुधार करना और बाजार की समस्या का समाधान करना आवश्यक है 

Q. दीनदयाल अंतोदय योजना क्या है?

Ans.  एनयूएलएम का उद्देश्य शहरी गरीबों को उनके स्थानीय संस्थानों में संगठित करना, कौशल विकास के अवसर प्रदान करना, बाजार आधारित रोजगार के लिए प्रेरित करना और ऋण की सुलभता सुनिश्चित करके उन्हें स्वरोजगार उद्यम स्थापित करने में सहायता करना है।

Q. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन क्या है?

Ans. मिशन का मुख्य लक्ष्य गरीबों के लिए स्थायी आजीविका को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे गरीबी की स्थिति से बाहर निकल सकें। गरीबों के संस्थानों का उद्देश्य 

(i) औपचारिक ऋण तक पहुंच प्रदान करना है 

(ii) आजीविका के विविधीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए सहायता करना और 

(iii) अधिकारों और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना है।

Q. दीनदयाल उपचार योजना क्या है?

Ans. इस उद्देश्य के लिए विभाग को दीनदयाल अन्त्योदय उपचार योजना के अंतर्गत रोगियों के लिए एंब्यूलेंस सेवा की व्यवस्था करने की आवश्यकता है। इस सेवा को उपलब्ध कराने और इस वर्ग के परिवार के सदस्यों के बीमार होने पर चिकित्सा के दौरान ऋण के बोझ से बचाने के लिए दीनदयाल अन्त्योदय उपचार योजना 25 सितंबर 2004 से लागू की गई है।

 नोट: यह जानकारी सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी तरह से कानूनी सलाह नहीं है। किसी भी विशिष्ट जानकारी के लिए आपको संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए, और आर्टिकल से सम्बंधित अधिकारिक वेब्सायट पर विज़िट करें।


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