Ravichandran Ashwin, A Great Spinner

#Ravichandran Ashwin 

क्यों रविचंद्रन अश्विन को स्पिन का जादूगर माना जाता है? 

आइए जानते है उनके द्वारा बनाये रेकर्ड्ज़ और जीवनी के बारे में जो उनको महान खिलाड़ी बनाते है।


 रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे एक प्रतिभाशाली गेंदबाज और सक्षम ऑलराउंडर के रूप में प्रसिद्ध हैं। इस लेख में उनके जीवन, करियर और उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की गई है। वह टेस्ट क्रिकेट में 50, 100, 150, 200, 250, 300, 350 और 400 विकेट लेने वाले सबसे तेज भारतीय गेंदबाज हैं। अश्विन 2016 में ICC क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार प्राप्त करने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने।

                        प्रारंभिक जीवन

      रविचंद्रन अश्विन का जन्म 17 सितंबर 1986 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ। उन्होंने अपने पिता, रवि अश्विन, जो स्वयं एक क्रिकेट खिलाड़ी थे, से प्रेरणा प्राप्त की। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्टेला मारिस कॉलेज से ग्रहण की और इसके बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। क्रिकेट के प्रति उनकी रुचि बचपन से ही थी, और उन्होंने कोचिंग लेने के बाद इसे अपने पेशे के रूप में अपनाने का निर्णय लिया।

कैसा रहा रवि अश्विन का अंतरराष्ट्रीय करियर?

                            टेस्ट क्रिकट



                 

टेस्ट में अनिल कुम्बले के बाद दूसरे भारतीय क्रिकेटर बनें

     रविचंद्रन अश्विन ने 2011 में भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा। उनका पहला टेस्ट मैच 9 दिसंबर 2011 को कोलकाता में आयोजित हुआ। इस मैच में उनकी गेंदबाजी ने गहरी छाप छोड़ी। इसके बाद, उन्होंने अपनी गेंदबाजी से कई रिकॉर्ड स्थापित किए और विश्व के प्रमुख स्पिन गेंदबाजों में अपनी पहचान बनाई।

    अश्विन ने कई टेस्ट मैचों में 32 बार 5 विकेट लेने की उपलब्धि हासिल की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 2010 में टी20 विश्व कप में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें उनका योगदान भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था।

  • रविचंद्रन अश्विन ने अपने क्रिकेट करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जो उन्हें एक अद्वितीय खिलाड़ी बनाती हैं।  
  • उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट का आंकड़ा बहुत तेजी से पार किया, जिससे वह भारत के सबसे तेज गेंदबाज बन गए।  
  • अश्विन के पास एक पारी में 8 विकेट लेने का रिकॉर्ड है, जो भारतीय गेंदबाजों में सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग आंकड़ा है।  
  • वह टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन और 400 विकेट का डबल करने वाले पहले खिलाड़ी बने, जो उनकी बहुआयामी प्रतिभा को दर्शाता है।  
  • अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने कई बार 'मैन ऑफ़ द मैच' पुरस्कार जीते हैं, जो उनकी उत्कृष्ट बॉलिंग और बल्लेबाजी का प्रमाण है।

रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन निम्नलिखित हैं:

1. 83 रन पर 8 विकेट - इंग्लैंड के खिलाफ, 2016

2. 66 रन पर 7 विकेट - ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, 2012

3. 59 रन पर 7 विकेट - दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ, 2015

4. 41 रन पर 6 विकेट - न्यूजीलैंड के खिलाफ, 2016

5. 25 रन पर 5 विकेट - श्रीलंका के खिलाफ, 2017

ये आंकड़े अश्विन की गेंदबाजी कौशल और प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करते हैं।  


             वनडे और टी20 क्रिकेट कैरीअर

अश्विन ने 2010 में वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने 2011 के वनडे विश्व कप में भारत की विजय में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही, उन्होंने 2016 के टी20 विश्व कप में भी शानदार खेल दिखाया। उनकी विविधता से भरी गेंदबाजी शैली ने उन्हें टी20 प्रारूप में एक सितारे के रूप में उभरने में सहायता की।

अश्विन की खेल शैली:

अश्विन की गेंदबाजी शैली में विभिन्न प्रकार की विविधता देखने को मिलती है। वे ऑफ स्पिन, लेग स्पिन और अपनी स्वयं की विकसित तकनीकों का उपयोग करते हैं। उनकी गति, सटीकता और बुद्धिमान रणनीतियाँ उन्हें एक अद्वितीय गेंदबाज बनाती हैं।

अश्विन का व्यक्तिगत जीवन कैसा था?

रविचंद्रन अश्विन की पत्नी, प्रीति, के साथ उनकी एक बेटी और एक बेटा है। वे अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं और सामाजिक कार्यों में भी उनकी रुचि है।

      रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय क्रिकेट को महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। उनका खेल हर क्रिकेट प्रेमी के लिए एक प्रेरणास्त्रोत है। उनके अथक परिश्रम और समर्पण ने उन्हें विश्व के शीर्ष गेंदबाजों में से एक के रूप में स्थापित किया है।

      2017 में, अपने 45वें टेस्ट में खेलते हुए, अश्विन 250 टेस्ट विकेट लेने वाले सबसे तेज गेंदबाज बन गए, जिन्होंने डेनिस लिली को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने यह उपलब्धि 48 टेस्ट में हासिल की थी। अक्टूबर 2019 में, अपने 66वें टेस्ट मैच में, अश्विन ने 350वां विकेट लेकर मुथैया मुरलीधरन के साथ संयुक्त रूप से सबसे तेज गेंदबाज बनने का गौरव प्राप्त किया।

अश्विन के क्रिकेट कैरीअर के आँकड़े प्रस्तुत है :~

टेस्ट करियर

- मैच: 106

- विकेट: 537

- एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी: 8/83

- सर्वश्रेष्ठ मैच आंकड़े: 12/128

- गेंदबाजी औसत: लगभग 24.57

- पांच विकेट लेने के प्रदर्शन: 32

- दस विकेट लेने के प्रदर्शन: 8



ODI करियर

- मैच: 116

- विकेट: 156

- एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी: 4/25

- गेंदबाजी औसत: लगभग 40.4 लगभग

- पांच विकेट लेने के प्रदर्शन: 1 बार

T20I करियर

- मैच: 66

- विकेट: 92

- एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी: 4/8 ( विश्व रेकर्ड )

- गेंदबाजी औसत: लगभग 21.68

- पांच विकेट लेने के प्रदर्शन: 1

       अश्विन के कैरीअर की विशेष उपलब्धियाँ

  • 400 टेस्ट विकेट तक पहुँचने वाले सबसे तेज गेंदबाज।
  • टेस्ट क्रिकेट में 3500 से अधिक रन बनाए हैं।
  • टेस्ट मैचों में 44 बार मैन ऑफ द मैच" पुरस्कार प्राप्त किए हैं।
  • 11 बार अवार्ड जीते
  • ये भी एक विश्व रेकर्ड है।

अश्विन को उनकी स्पिन गेंदबाजी तकनीकों के लिए अत्यधिक सराहा जाता है और वे सभी प्रारूपों में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं।

रविचंद्रन अश्विन ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अनेक पुरस्कार प्राप्त किए हैं। यहाँ उनकी कुछ प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है:

पुरस्कार (IPL)

1. IPL का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज (Purple Cap) - 2011: इस वर्ष अश्विन ने सबसे अधिक विकेट हासिल किए।

2. IPL के फाइनल में "मैन ऑफ द मैच" - 2010: जब उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

3. "मैन ऑफ द सीरीज़" - IPL 2012: अश्विन की शानदार गेंदबाजी के कारण उन्हें यह सम्मान मिला।

अन्य उपलब्धियाँ

- अश्विन ने कई मैचों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिससे उनकी टीम ने महत्वपूर्ण जीतें हासिल की हैं।

- वह आईपीएल में लगातार विकेट लेने वाले शीर्ष खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं।

अश्विन का योगदान आईपीएल में उनकी टीमों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, और उन्होंने कई अवसरों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

अश्विन के रेटायअर्मेंट का प्लान क्या था ?


अश्विन ने रोहित को पहले ही सूचित कर दिया था कि मेरी आवश्यकता नहीं है, इसलिए बेहतर होगा कि मैं विदाई ले लूं।

“यदि सिरीज़ में मेरी ज़रूरत नही है तो 
बेहतर होगा की में रेटायअर्मेंट ले लूँ”

    भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कप्तान रोहित शर्मा को अपने अचानक रिटायरमेंट के निर्णय के बारे में बताया था। खबरों के मुताबिक़ 14 वर्षों तक भारत के लिए क्रिकेट खेलने वाले अश्विन के मन में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज हार के बाद से ही संन्यास लेने का विचार चल रहा था।

रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने टीम प्रबंधन को स्पष्ट रूप से बता दिया था कि यदि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन में स्थान नहीं मिलता है, तो वह टीम के साथ यात्रा नहीं करेंगे।

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      आशा करते है कि यह लेख आपको अवश्य पसंद आया होगा । क्रिकेट से सम्बंधित जानकारी चाहने वाले कॉमेंट बॉक्स में लिखें।

लेखक: Balesh Bhardwaj

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