Narendra Modi || Prime Minister ||
विकसित भारत के लिए पीएम मोदी जी की अगले पाँच वर्ष में क्या क्या योजनाए हैं?
Highlights:
- पीएम मोदी जी की अगले पाँच वर्ष में क्या क्या योजनाए हैं
- अगले पाँच वर्षों में 50 लाख नौकरियाँ पैदा करने जा रही है मोदी सरकार।
- लोगों के जीवन में ना तो सरकार का दबाव और ना ही सरकार का अभाव होना चाहिए- मोदी
- अंग्रेजों के जमाने के क़ानून हटाए
- मैं हेड्लायन पर नही डेड्लायन पर काम करने वाला व्यक्ति हूँ- PM-मोदी
- प्रधानमंत्री मोदी ने PSU का ज़िक्र किया, गिनाए फ़ायदे।
- 10 वर्षों में पीएसयू की तक़दीर बदली
- नए स्टार्टप प्लान में वृद्धि : 100 से बढ़ाकर सवा लाख स्टार्टर प्लान किए
- पीएम मोदी ने आयुष्मान भारत योजना का भी ज़िक्र किया
- सहकारिता मंत्रालय की सहायता से किसानों की लिए 2 lakh नए गोदाम बने
- ईज़ ऑफ़ लिविंग से कैसे फ़ायदा पहुँच रहा है
- लोगों के स्वच्छ भारत से पैसे बचे
- मोबाइल निर्माण में भी भारत आत्मनिर्भर होने जा रहा है।
2024 के लोकसभा चुनाव में NDA के तीसरी बार आने पर एक न्यूज़ चैनल को दिए साक्षात्कार में पीएम मोदी ने अपनी सरकार के उन कार्यों का लेखा-जोखा भी सामने रखा जिनकी वजह से आम जनता की जीवन स्तर में महत्वपूर्ण बदलाव हुए। उन्होंने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि आने वाले पांच वर्ष भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने वाले होंगे।
केंद्र की योजनाओं का असर सभी वर्गों पर पड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साक्षात्कार में सरकार की सभी उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे सरकार ने अपनी योजनाओं के माध्यम से समाज के निचले और मध्यम वर्ग के लोगों की जीवन को सुविधाजनक बनाया है।
उन्होंने युवाओं द्वारा चलाए जा रहे स्टार्टअप्स के बारे में बात करते हुए कहा कि 10 साल पहले तक कुछ सौ ही स्टार्टअप्स होते थे और आज करीब सवा लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं जो देश के 600 से ज्यादा जिलों में फैले हैं और टीयर-2, टीयर-3 शहरों के नौजवान स्टार्टअप क्रांति की अगुवाई कर रहे हैं॥
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प्रधानमंत्री मोदी ने भविष्य के पांच वर्षों के लिए सरकार की योजनाओं को पेश किया और 13 प्लान्स को लोगों के सामने रखा। मोदी ने कहा कि यह चुनावी समय है। हमारे विपक्षी साथी भी कागजों पर सपने बुनने में व्यस्त हैं। मोदी सपनों से आगे बढ़कर संकल्प लेते हैं। आगे के पांच वर्षों की योजनाओं को गिनते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:~
1- मेरा दावा है कि आने वाले पांच वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा।
2- आने वाले पांच साल इस अनिश्चित विश्व के लिए एक स्थिर, सशक्त और समर्थ भारत की गारंटी होंगी।
3- आने वाले पांच साल में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नया उच्च स्तर पर ले जाने की संभावना है।
4- भारतीय रेल के कायाकल्प के आगामी पांच वर्ष में बड़े बदलाव आएंगे।
5- आने वाले पांच साल में बुलेट ट्रेन से लेकर वंदे भारत ट्रेन के विस्तार को देखने को मिलेगा।
6- आने वाले पांच साल में वॉटर-वे के अभूतपूर्व इस्तेमाल के बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
7- भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में आने वाले पांच साल में नया रिकॉर्ड बनाते हुए देखेंगे।
8- भारत के स्पेस सेक्टर में आने वाले पांच साल में एक नई उड़ान देखने को मिलेगी। गगनयान की सफलता को देखेंगे।
9- आने वाले पांच साल में आप देश के युवाओं के लिए नए क्षेत्र के उदय का दृश्य देखेंगे।
10- आने वाले पांच साल में आप भारत की सोलर पावर को घर-घर में पहुंचते हुए देखेंगे।
11- आने वाले पांच साल में आप भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल की मैन्युफैक्चरिंग में रिकॉर्ड वृद्धि का दृश्य देखेंगे।
12- आने वाले पांच साल में आप सेमीकंडक्टर मिशन, हाईड्रोजन मिशन के प्रभाव को जमीन पर देखेंगे।
13- आने वाले पांच साल में आप निर्णायक नीतियों की उत्पत्ति और निर्णायक फैसलों को होते हुए देखेंगे।
PM मोदी ने कहा की इन संकल्पों की सिधि के लिए बहुत पहले से काम कर रहे है की कैसे हमने एक नए विकसित भारत को आगे ले जाना है ।
अगले पाँच वर्षों में 50 लाख नौकरियाँ पैदा करने जा रही है मोदी सरकार।
मोदी सरकार ने बेरोज़गारी दूर करने के लिए बनाया तगड़ा प्लान।
पिछले दिनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने घोषणा की है कि भारत सरकार अगले पांच वर्षों में देश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को दोगुना करेगी। इससे बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार तीसरी बार केंद्र में आने के बाद बेरोजगारी के मुद्दे पर काफी जोर दिया गया है. केंद्र सरकार ने अगले पांच साल में 50 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए मोदी सरकार ने खास प्लान भी तैयार किया है. मोदी सरकार इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार के अवसर पैदा करने की प्लानिंग कर रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया है कि भारत सरकार अगले पांच वर्षों में देश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को दोगुना करेगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे देश का इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। जबकि अभी तक भारत का निर्यात 125-130 US डालर है।
सरकार ने बेरोजगारी की समस्या को कम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में 25 लाख लोग काम कर रहे हैं।
मोबाइल निर्माण में भी भारत आत्मनिर्भर होने जा रहा है।
भारत ने मोबाइल विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके साथ ही, भारत ने लैपटॉप निर्माण में भी अच्छी प्रगति की है। भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं और इसमें भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ी राशि का निवेश किया गया है। देश में हर व्यक्ति का इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का उपयोग दुनिया में सबसे ज़्यादा है।
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लोगों के जीवन में ना तो सरकार का दबाव और ना ही सरकार का अभाव होना चाहिए- मोदी
1. 2029 की नही 2047 की तैय्यारी में जुटे है मोदी
साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने न केवल अपनी सरकार की उपलब्धियों की गणना की, बल्कि आने वाले पांच वर्षों के लिए सरकार का रोडमैप भी प्रस्तुत किया ,और बताया कि उनकी सरकार कैसे विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मैं 2029 की तैयारी नहीं कर रहा हूँ, बल्कि मैं 2047 (विकसित भारत का लक्ष्य) के लिए काम कर रहा हूँ।
अंग्रेजों के जमाने के क़ानून हटाए
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले 10 सालों में 1500 से अधिक पुराने कानूनों को समाप्त किया गया है, जिनमें से कितने कानून अंग्रेजों के शासनकाल में बने थे, जिनके द्वारा लोगों के जीवन पर सरकार का दबाव नहीं होना चाहिए। 2047 तक मैं हर व्यक्ति की जिंदगी से सरकार को हटा दूंगा। सामान्य नागरिक को अपनी जुबानी जिंदगी जीने के लिए खुला आसमान मिलना चाहिए।
मैं हेड्लायन पर नही डेड्लायन पर काम करने वाला व्यक्ति हूँ- PM-मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जहां पूरी दुनिया अनिश्चितता के भंवर में फंसी है, उसमें एक भाव साफ है कि भारत तेज गति से विकास करता रहेगा. आज मूड ऑफ द नेशन विकसित भारत के निर्माण का है. जब भी मैं इस तरह के कॉन्क्लेव में आता हूं तो आपकी उम्मीद होती है कि खूब सारी हेडलाइन देकर जाऊं, मैं हेडलाइन पर नहीं बल्कि डेडलाइन पर काम करने वाला आदमी हूं.
प्रधानमंत्री मोदी ने PSU का ज़िक्र किया, गिनाए फ़ायदे।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हाल ही में हमने पीएम-सूर्य घर योजना की शुरुआत की है। सरकार अब लोगों को अपने घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए 78000 हजार रुपये दे रही है। इस योजना से अब तक 1 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। इससे तीन सौ यूनिट बिजली मुफ्त मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा, अगर कोई ज्यादा बिजली पैदा करेगा तो सरकार उसे खरीद लेगी।
मैं मक्खन पर लकीर नहीं बल्कि पत्थर पर लकीर करने आया हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं मक्खन पर लकीर नहीं बल्कि पत्थर पर लकीर करने आया हूं। मैं आपके बच्चों के हाथों में एक समृद्ध हिंदुस्तान देना चाहता हूं। हमारी सरकार के गवर्नेंस मॉडल को समझना है तो पीएसयू को देखें। बहुत कम पीएसयू होते हैं जो देश के काम आते हैं, वरना बर्बादी लाते हैं। पहले सरकारों के चलते बीएसएनल और एमटीएनल बर्बाद हो गए।
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10 वर्षों में पीएसयू की तक़दीर बदली
आज HAL के पास एशिया के सबसे बड़ी हेलिकॉप्टर बनाने वाली फैक्ट्री है। इसके लिए हमारी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की बदौलत पीएसयू के प्रॉफिट लगातार बढ़ रहे हैं। दस वर्षों में पीएसयू की नेटवर्थ 9.5 लाख से बढ़कर 78 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।
नए स्टार्टप प्लान में वृद्धि : 100 से बढ़ाकर सवा लाख स्टार्टर प्लान किए
स्टार्ट अप के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, '10 साल पहले तक कुछ सौ ही स्टार्टअप्स होते थे और आज करीब सवा लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं, लेकिन भारत की स्टार्टअप क्रांति की पहचान सिर्फ इतनी ही नहीं होती थी. स्टार्ट अप का मतलब बेंगलुरु 600 जिलों में स्थित स्टार्टअप होना है, जिसका अर्थ है कि टीयर 2 और 3 शहरों के युवाओं ने स्टार्ट अप क्रांति की अगुवाई की है. छोटे शहरों के युवाओं ने भारत की स्टार्ट अप क्रांति को नई गति दी।
मुद्रालोन योजना: बिना guarantee लोन वितरित किए
जिस सरकार ने कभी स्टार्ट अप की बात नहीं की, उसे भी स्टार्ट अप की बात करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जमीन पर रोजगार और स्वरोजगार से बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है और यह योजना मुद्रा योजना है। हमारे युवाओं को लोन लेने की गारंटी देनी पड़ती है। लेकिन हमारी योजना से उन युवाओं को गारंटी दी जाती है जिनके पास कुछ देने की संभावना नहीं होती थी। 26 लाख करोड़ रुपये के मुद्रा लोन इस योजना में दिए जा चुके हैं।
स्ट्रीटवेंडर को वित्तीय सहायता मिले इसके लिए PM स्वनिधि योजना की शुरुआत की
पीएम स्वनिधि योजना के पीछे की कहानी को बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'एक और योजना है- पीएम स्वनिधि, जिससे स्ट्रीट वेंडर को सस्ता और आसान लोन बिना गारंटी के मिलता है. मेरे जीवन के तजुर्बे के कारण, मैंने गरीबों की अमीरी और अमीरों की गरीबी दोनों देखी हैं. मेरा सपना था कि स्ट्रीट वेंडरों को मदद मिलेगी... पीएम मोदी ने कोविड के दौर के बारे में कहा, 'मैंने उस समय कोविड का दौर देखा जब सबसे ज्यादा नुकसान स्ट्रीट वेंडरों को हुआ था. तब मैंने तय किया कि मैं उनकी मदद करूंगा।
एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने भाग लिया, जैसे कि गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, इंद्राणी मुखर्जी, अभिनेता सामंथा प्रभु आदि शामिल हुए।
पीएम मोदी ने आयुष्मान भारत योजना का भी ज़िक्र किया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आपने अवश्य सुना होगा कि आयुष्मान भारत योजना के बारे में. गांवों में आपने सुना होगा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर. हमने देश के गांवों में डेढ़ लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए हैं. कुछ लोगों की सारी परेशानी ये मंदिर में अटक जाएगी. ये मेरी परेशानी नहीं है. ये काम लगातार चल रहा है लेकिन इनकी हेडलाइन नहीं बनती है. इन मंदिरों में सामान्य टेस्ट तो होते ही हैं साथ ही डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों की शुरूआती जांच होती है. हम देश के गांव गरीब तक इस सेवा को पहुंचा रहे हैं.'
सहकारिता मंत्रालय की सहायता से किसानों की लिए 2 lakh नए गोदाम बने।
ताकि किसानों का अनाज ख़राब ना हो….
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सहकारिता मंत्रालय ने एक बड़ी स्टोरेज स्कीम शुरू की है। इस स्कीम के तहत 2 लाख नए गोदाम बनाए जाएंगे, जिससे किसानों को बड़ा लाभ होगा। वे अपने माल को गोदाम में सुरक्षित रख सकेंगे और जब बाजार में मांग बढ़ेगी, तब वे अपने माल को बेचकर लाभ उठा सकेंगे।
ईज़ ऑफ़ लिविंग से कैसे फ़ायदा पहुँच रहा है
पास्पोर्ट सेवा केंद्र में वृद्धि
पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, 'पहले की सरकार के समय आपने ईज ऑफ लिविंग जैसे शब्द सुने ही नहीं होंगे. जो उस दौर में सक्षम थे वो सुविधाओं के सबसे बड़े हकदार बन गए थे... बीच में पिसता कौन था वो देश का सामान्य नागरिक जो आरके लक्ष्मण के कार्टूनों में झलकता है. इस कॉमन मैन की ईज ऑफ लिविंग को भी हमारी सरकार ने प्राथमिकता में रखा. पहले पासपोर्ट बनवाना हो तो औसतन पचास दिन लगते थे. इन पचास दिनों में भी लोगों को पचास फोन करने पड़ते थे और सिफारिश लगानी पड़ती है. आज एक पासपोर्ट औसतन 5-6 दिन में आपके घर पहुँच जाता है।
लेकिन बदलाव कैसे आया, लेकिन जब सरकार ने ईज ऑफ लिविंग पर ध्यान देना शुरू किया, तो सिस्टम में खुद बदलाव आ गया। पहले 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, और अब तकरीबन सवा पांच सौ पासपोर्ट सेवा केंद्र हैं। इसके अलावा भी कई और बदलाव हैं।
लोगों के स्वच्छ भारत से पैसे बचे
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान से लोगों के पैसे बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजकल सात लाख की सालाना आय पर इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है, जो कि पहले दो लाख की सालाना आय पर देना होता था। इसके साथ ही, देश के नागरिकों के ढाई लाख करोड़ रुपये बचे हैं।
आप सोच सकते हैं कि पिछले 10 साल में रेलवे टिकटों पर भी लाखों करोड़ रुपये का डिस्काउंट दिया गया है. स्वच्छ भारत अभियान ने गरीब और मध्यम वर्ग के पैसे बचाने में मदद की है।यह गरीबों के लिए हर साल 60 हजार करोड़ रुपये की बचत कर रहा है।
disclaimer: फ़्रेंड्ज़, ये artical हमने पत्र पत्रिकाओं , न्यूज़ पेपर, और अन्य लेखों के माध्यम से लिखा है। और साथ ही हमारा पूरा प्रयास रहता है की आपको उचित जानकारी दी जाए। लेकिन फिर भी इस आर्टिकल में कोई जानकारी ग़लत लिखी जाती है तो कृपया हम उसके ज़िम्मेदार नहीं है ।
जानकारी यदि अच्छी लगे तो comment अवश्य करें।







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