An amazing captain Clive loyed


 क्लाइव लॉयड Wikipedia

क्लाइव लोयड (Clive Lloyd), पूर्व वेस्टइंडीजी क्रिकेट कप्तान, 1954 को जन्मे थे। उन्होंने अपने कैरियर में बहुत सारे काम में वेस्टइंडीज की मजबूती और प्रभावी कप्तानी दिखाई है। वह सबसे पहले 1971 में वेस्टइंडीज़ टेस्ट दल के साथ अपने डेब्यू को रचना की थी और 1974 में उन्होंने पहली कप्तानी की थी। उन्होंने वेस्टइंडीजी के कप्तान के रूप में 74 मैचों में उनके टीम की संघर्ष की गणना की है।

लॉयड को उनकी मजबूत कप्तानी की वजह से पहचाना जाता है, जिसने उन्हें वेस्टइंडीजी को 1975 और 1979 के वनडे विश्व कप में विजेता बनाने में मदद की थी। उन्होंने 1984 में वेस्टइंडीज़ को द्वितीय बार कप्तान बना लिया था और सभी प्राकलित सहसंघटनों में उन्होंने आपातकालीन क्रिकेट के प्रतीक के रूप में बहुत सम्मान प्राप्त किया है।

लॉयड की खुद की किस्मत ने भी उन्हें क्रिकेट करियर से बाहर निकालकर उन्हें क्रिकेट व्यवसाय में अन्य सम्मान के लिए भी संवेदनशील बना दिया है। उन्होंने वेस्टइंडीज़ और अन्य वैनकैट प्रतियोगिताओं के लिए काफी प्रसिद्ध टीमों को प्रशासित किया है।

अतिरिक्त क्रिकेट के रूप में उनके व्यापारी सफलता, उनको मिले सर्वोच्च पुरस्कार, संघर्ष और धैर्य के लिए उन्हें अतिरिक्त मुख्य पुरस्कार प्राप्त करने का मौका मिला।

लॉयड एक सफल कप्तान, व्यापारी और क्रिकेटर के रूप में अपनी महान पहचान प्राप्त की है और उन्हें दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों द्वारा मान्यता दिखाई गई है। उनकी प्रोफाइल विकिपीडिया पर उपलब्ध है। आप उनकी पूरी कहानी और प्रमुख जीवनधाराओं के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

क्लाइव लॉयड (Clive Lloyd) एक पूर्व पश्चिम इंडीजीज क्रिकेटर हैं जो सेंट किट्स और नेविस के लिए खेले हैं। उन्होंने 1966 से 1985 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेला। लॉयड पदार्पण, थोड़ी तकनीकी, बड़ी आक्रमक, और उच्च स्कोरिंग क्षमता के लिए जाने जाते हैं।

क्लाइव लॉयड की व्यक्तिगत जानकारी :

यहाँ कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े हैं जो क्लाइव लॉयड के बारे में ज्ञात हैं:

- उन्होंने 1971 में पश्चिम इंडीज का कप्तान बनकर उन्हें पश्चिम इंडीज की यूरोपीय ट्रॉफी और 1975 में क्रिकेट वनडे विश्व कप जीताया जो की इंग्लैंड में खेला गया था|

- वह 1977-1978 में भारत और 

- उन्होंने वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 102 मैच खेले, 1975 और 1983 में दो एकदिवसीय विश्व कप टूर्नामेंट में ब्रिटेन और वेस्ट इंडीज की अगुवाई की, इसके अलावा वह माल्डीव्स और केन्या के कप्तान भी रहे।

- लॉयड 110 मैचों में 1971 से 1985 तक एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 19 शतक बना सकते हैं, माध्यमिक स्कोर 32.15 और स्ट्राइक रेट 79.51 है।

- वह टेस्ट क्रिकेट में 110 मैचों में 1975 से 1985 तक क्रिकेट की, उन्होंने 7515 रन बना सकते हैं, औसत 46.67 और हाइ स्कोर 242 रन है।

- 1975 और 1979 में उन्होंने पश्चिम इंडीज का कप्तान बनकर टेस्ट सीरीज़ में उपयोगिता के 11 शतक बनाए।  कप्तान लॉयड की सारी डिटेल्स आप नीचे दी गई table में पढ़ सकते है |


ये कुछ मुख्य तथ्य हैं, इसके अलावा भी क्लाइव लॉयड के बारे में अन्य विवरण और आंकड़े उपलब्ध हो सकते हैं।

क्लाइव लोएड व्यक्तिगत जानकारी
नाम क्लाइव ह्यूबर्ट लोयड
जन्म 31 Aug 1944 जॉर्जटाउन, गुयाना
उपनाम बिग कैट
क़द 6”4”
बल्लेबाज़ी शैली लेफ़्ट हैंडेड
गेंदबाज़ी राइट हैंडेड मीडियम
मुख्य भूमिका बल्लेबाज़, वेस्टिंडीस कैप्टन
फ़ैमिली लान्स गिब्स, कज़िन
टेस्ट में शुरुआत 13 दिस. 1966 vs india
अंतिम टेस्ट 30 दिस 1984
अंतिम ODI 1985 वर्सेस पाक
टेस्ट मैच खेले 110
Total score 7515
उच्च स्कोर 242
World Cup जीते 2

Clive loyad को मिला नाइटहुड का सम्मान, Westindies को पहली बार विश्व कप दिलवाया था |

West Indies cricket board (CWI) ने westindies के पूर्व दिग्गज कप्तान क्लाइव लॉयड को नाइटहुड की उपाधि दी है क्रिकेट इतिहास में सबसे सफल कप्तानों में से एक क्लाइव लॉयड को सम्मानित किया गया। CWI के अध्यक्ष रिकी स्कैरिट ने कहा, CWI और westindies cricket में शामिल सभी लोगों की और से मैं सर Clive loyad को क्रिकेट में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उनको हार्दिक बधाई देना चाहता हूं|पहला world cup जितवाने के लिए उन्होंने देश को गौरवान्वित किया है |

      उन्होंने कहा," लॉर्ड्स की वह जीत westindies ke लिए एक बेहद महत्वपूर्ण समय था, जब हमने दिखाया की हमारी टीम sir loyad ke नेतृत्व में no. One टीम है । क्लाइव लॉयड ने wedtindies और विश्व स्तर के क्रिकेट के विकास में बड़ा योगदान दिया है |इसलिए वे प्रशंसा के योग्य है |

45 साल पहले 1975 को जीता था पहला World Cup loyad ने, वर्ल्ड चैंपियन बना था वेस्टइंडीज 

21जून 1975 को क्लाइव लॉयड की कप्तानी में वेस्टइंडीज ने पहला w cup जीता था, और इसी साल वर्ल्ड कप की शुरुआत भी हुई थी|21 जून 1975 को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर वेस्टइंडीज ने इतिहास रच दिया था। पहला वर्ल्ड कप 7 से 21 जून को इंग्लैंड में खेला गया था। उस समय 60 ओवर के मैच हुआ करते थे |वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया से ज्यादा westindies का दबदबा हुआ करता था। और हो भी क्यों न उस टीम में स्वयं क्लाइव लॉयड, Viv Richards, Andy Robert, mikal holdings, kalicharan जैसे प्लेयर्स थे । क्रिकटर्स ODI में भी सफेद कपड़ों में ही खेलते थे|

     पत्नी से छिपकर लंदन में अय्याशी करते थे क्लाइव लॉयड

क्लाइव लॉयड का क्रिकेटर करियर जितना glorious रहा उतना ही बदनाम उनकी निजी जिंदगी रही है। वेस्ट इंडीज के सबसे सफल कप्तानों में शुमार रहे लॉयड ने अपने करियर में कई कारनामे किए। एक ओर जहां उन्होंने बल्ले से रन बरसाए, और यही नही वे कप्तान भी कमल के थे |वहीं दूसरी तरफ निजी जिंदगी में उन्होंने धड़ल्ले से अफेयर्स भी किए। बतौर उनकी पूर्व पत्नी कहती थी |

 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया से हार का बदला लेने भारत आई थी वेस्टइंडीज की टीम 

1983 के वर्ल्ड कप में भारत से हारने के बाद वेस्टइंडीज की टीम खुद को साबित करने के लिए भारत आई थी. उस सीरीज को `रिवेंज सीरीज` नाम दिया गया. जानिए इसका रिजल्ट क्या रहा.वेस्टइंडीज की टीम में इस हार से खलबली मच गई थी. किसी को विश्वास नहीं हो रहा था. वेस्टइंडीज खुद को बेहतर साबित करना चाहती थी.

Cricket जगत में एक दौर ऐसाभी था जब westindies के साथ खेलने में हर कोई कतराता था वो दौर था 70 से 80 के दशक का ।वेस्टइंडीज को वर्ल्ड कप की भारत के हाथों हार कतई हजम नही हो पा रही थी। 

      आखिर वो वक्त आ ही गया था जिसका क्लाइव लॉयड को बेसब्री से इंतजार था वेस्टइंडीज को भारत से हार का बदला चुकाने का। उसी साल वेस्टइंडीज को भारत में 5 टेस्ट maches खेलनी थी ।इसके बाद दोनों टीमें भारत में सीरीज के लिए तैयार हो गईं. इस सीरीज को 'रिवेंज सीरीज' नाम दिया गया.

टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज ने सीरीज जीतकर बदला लिया 

क्लाइव लॉयड की कप्तानी में अक्टूबर 1983 में वेस्टइंडीज की टीम भारत आई. दोनों टीमों के बीच भारत में छह टेस्ट मैच और पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली गई. दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच कानपुर में खेला गया. कपिल देव की कप्तानी में भारत ये मैच हार गया. दूसरा टेस्ट ड्रॉ हुआ.

तीसरा टेस्ट भारत हारा. चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा. पांचवें मैच में भारत को फिर हार मिली. आखिरी टेस्ट मैच में सुनील गावस्कर के 236 रन की बदौलत भारत ने अपनी इज्जत बचा ली. लेकिन, भारत टेस्ट सीरीज हार गया.

    Friends क्लाइव लॉयड जैसे कप्तान के बारे में जितना कहा जाय कम है। लॉयड की उम्र लगभग 70 साल की है। हमारी तरफ से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं उनकी लंबी आयु के लिए ताकि वेस्टइंडीज ही नही अपितु अनेक crickters के लिए प्रेरणा स्त्रोत बने रहें | Thankyou|

       




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