Chardham Yatra || चारधाम यात्रा ||
चारधाम यात्रा के लिए हो जाएँ तैयार रेजिस्ट्रेशन 10 मई से शुरू कैसे जाएँ, कब जाएँ ,कहाँ कहाँ जाएँ सब जाने
चार धाम यात्रा 2024 का आयोजन 10 मई को होने जा रहा है। केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के धाम 10 मई को खुलेंगे। इसके साथ ही चार धाम यात्रा की शुरुआत होगी। बद्रीनाथ के धाम 12 मई को खुलेंगे। चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू हो चुका है।
मई महीने में विश्व प्रसिद्ध चार धामों के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा का आगाज होगा। इस बार यात्रा बहुत तेजी से आगे बढ़ेगी। इसलिए कई रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। केदारनाथ के कपाट 10 मई को खुलेंगे और बदरीनाथ के कपाट 12 मई को खुलेंगे। इन तारीखों का ऐलान पहले ही हो चुका है।
अक्षय तृतीया के दिन कपाट खुलने की है परम्परा
अब गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट की तिथि घोषित होने वाली है। परंपरा के अनुसार, कपाट अक्षय तृतीया को खुलते हैं, जो कि 10 मई को होगा। इसलिए, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट भी 10 मई को ही खुलेंगे। इसके बाद, यात्रा का संचालन शुरू हो जाएगा।
सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण करना होता है। जिसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप और अन्य स्थानों पर 15 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण शुरू हो सकते हैंं। इसके लिए पर्यटन विकास की एजेंसी को दो दिन ऑफलाइन पंजीकरण का ट्रायल करना है।
श्रद्धालुओं के लिए गढ़वाल मंडल विकास ने चार धाम यात्रा के लिए एक नई सुविधा पेश की है। अब यात्री गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) की वेबसाइट पर कैब बुक कर सकेंगे। इसके लिए विभाग ने ट्रेवल एजेंसियों को आमंत्रित किया है। अब तक निगम की वेबसाइट पर सिर्फ गेस्ट हाउस और होटल बुक करने की सुविधा थी। लेकिन अब जीएमवीएन की वेबसाइट पर कैब बुक करने पर ट्रेवल कंपनियों की तर्ज पर लोकेशन पर कैब पहुंचेगी।
तीर्थयात्रियों की होगी स्वास्थ्य की जाँच
तीर्थयात्रियों की जांच अब चारधाम यात्रा के दौरान मार्ग पर होगी, जहां विशेष फोकस रखा जाएगा। इस बार स्क्रीनिंग के बाद ही यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। चारधाम यात्रा रूट पर हेल्थ पॉइंट पर मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गहनता से होगी।
मौसम के अनुकूल यात्रा करने के लिए दिए गए टिप्स बदले गए
प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव ने यात्रियों से अपील की है कि देवभूमि में आपका स्वागत है, लेकिन यात्रा से पहले अपना स्वास्थ्य जरूर जांचवाएं. उन्होंने कहा है कि दिल और ब्लड प्रेशर के मरीजों के साथ ही गर्भवती महिलाएं भी अपना स्वास्थ्य जांचवाएं और फिर ही यात्रा करें. विभाग यात्रियों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड रखेगा. यदि तीर्थयात्री को कहीं भी कोई असुविधा होती है तो वह अपनी जांच करा लें. यात्रा करने से पहले मौसम की स्थिति का ध्यान रखें
2013 में केदारनाथ में आई भयंकर बाढ़ के बाद उत्तराखंड सरकार ने चार धाम में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए बायोमेट्रिक पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया था। इस पंजीकरण को आप आसानी से ऑनलाइन या मार्ग में लगाए गए पंजीकरण काउंटर से करवा सकते हैं। यह पंजीकरण यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से उन्हें सहायता पहुंचाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इसकी प्रक्रिया बहुत ही सरल है।
चार धाम यात्रा का पंजीकरण कराना आवश्यक है न केवल इसलिए, बल्कि यह आपकी यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने में भी आपकी मदद करता है। पंजीकरण कराने के कई लाभ होते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
1. रास्ते में तीर्थयात्रियों को कार्ड
पंजीकरण करने के बाद, आपको एक विशेष पंजीकरण कार्ड या यात्रा कार्ड दिया जाएगा। यह कार्ड आपकी यात्रा के दौरान आपकी पहचान का सबूत होगा। आप इस कार्ड का प्रिंटआउट लेकर या अपने मोबाइल में इसकी एक कॉपी रखकर साथ में चल सकते हैं, यदि आपने ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है तो आपके हाथ पर एक बैंड बांध दिया जाएगा।
2. तीर्थयात्रियों को ट्रैक किया जाएगा
चार धाम यात्रा कार्ड यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को ट्रैक करने में मदद करता है और किसी भी आपात स्थिति में, अधिकारी आप तक आसानी से पहुंच सकते हैं। यह कार्ड यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण और उपयोगी साधन है जो श्रद्धालुओं को उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षित रखने में मदद करता है।
3. सरकारी सेवाओं का लाभ
चार धाम पंजीकरण कार्ड/यात्रा कार्ड दिखाकर आप रास्ते में मिलने वाली कुछ सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जैसे भोजन और आवास सुविधाएं।
4. प्रबंधन की सहायता:
चार धाम पंजीकरण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर, मंदिर प्रबंधन समिति भीड़ प्रबंधन को सुधार सकती है और दर्शन को सुव्यवस्थित बना सकती है।
5. आपदा प्रबंधन में सहायता:
प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य आपात स्थिति के दौरान, पंजीकरण डेटा से गुम हो जाने वाले तीर्थयात्रियों की खोज में सहायता मिल सकती है ।
चारधाम यात्रा रेजिस्ट्रेशन ऑनलाइन :
1. हर साल की तरह, इस वर्ष भी श्रद्धालु वेबसाइट https://registrationandtouristcare.uk.gov.in/ के माध्यम से चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए नाम, मोबाइल नंबर आदि जैसी जानकारी का उपयोग करके रजिस्टर/लॉगिन करें, वही विदेशी श्रद्धालुओं के लिए इस बार रजिस्ट्रेशन के लिए ईमेल ऐड्रेस अनिवार्य कर दिया गया है।
2. व्हाट्सएप पर चार धाम यात्रा पंजीकरण:
चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करने का एक और सरल तरीका है व्हाट्सएप मैसेजिंग ऐप का उपयोग करना। इसके लिए आपको अपने मोबाइल के व्हाट्सएप ऐप में YATRA टाइप करके इस व्हाट्सएप नंबर 8394833833 पर भेजना होगा। इसके बाद आपको कुछ जानकारी देनी होगी और आप आसानी से चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन के बाद, रजिस्ट्रेशन पर्ची आपके व्हाट्सएप पर ही प्राप्त होगी।
हेलिकाप्टर द्वारा चारधाम यात्रा :
चारधाम यात्रा को हेलीकॉप्टर से करने के लिए, आपको पहले से ही उत्तराखंड सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हेलीकॉप्टर कंपनी से यात्रा पैकेज की बुकिंग करवानी होगी। आप अपनी सुविधा और बजट के अनुसार किसी भी हेलीकॉप्टर कंपनी से दो धाम या चार धाम की हेलीकॉप्टर यात्रा पैकेज बुक कर सकते हैं। हेलीकॉप्टर से दो धाम या चार धाम यात्रा पैकेज की कीमत कंपनी कंपनी और कंपनी द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं पर निर्भर करेगी।
- यात्रा के लिए पंजीकरण पहले से करवाना होगा।
- हेलीकॉप्टर सेवाओं की दरें विभिन्न कंपनियों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।
- यात्रा पैकेज में हेलीकॉप्टर सेवा के अलावा अन्य सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं।



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