आज़ादी चरखे से मिली या बुल्डोज़र से

 क्या आज़ादी हमें चरखे से मिली ? तो फिर उनका क्या जिन लोगों को फाँसी पर लटका दिया, लाठियाँ खायी और यातनाएँ झेली?

Highlight:

  • गांधी का चरखे से मतलब क्या था ?
  • चरखे ने आज़ादी दिलाई ये क्या एक मिथक है? 
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस: एक महान क्रांतिवीर
  • योगी के बुल्डोज़र का मतलब कुछ और..


आपने हमें आजादी दी है बिना खड़ग बिना ढाल साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल….

     ये तब की बातें हैं जब इतिहास के नाम पर भारत में किताबों में केवल नेहरू, गांधी, बोस, सावरकर, तिलक, भगतसिंह के अलावा दो तीन और लोगो के नाम होते थे। उनमें से भी हर जगह गांधी और नेहरू ही दिखाई देते थे। (अच्छा भगत सिंह का भी अभी कुछ दस पंद्रह वर्षों से ट्रेंड चल रहा है। हर कोई अचानक उनके जन्म से लेकर मरन तक की हर छोटी बड़ी कहानी को खोद कर या मनगढ़ंत बनाकर गौरांवित हो रहा है, पहले वे भी इतने लोकप्रिय नहीं रहे।

     राजसूय यज्ञ के बाद युधिष्ठिर ने आनृशंसता का संकल्प लिया था  जिसका मतलब यह है कि वे किसी के प्रति द्वेष नहीं रखेंगे, न ही किसी से बदला लेंगे, और यदि कोई उनकी शरण में आए तो उन्होंने उसे क्षमा कर देने का वचन लिया था । वास्तव में, उन्होंने दुर्योधन की जान गन्धर्वों से बचाई, द्रौपदी का अपहरण करके ले जा रहे जयद्रथ को भी पकड़कर जीवित छोड़ दिया। हालांकि, इनको पकड़ने के लिए उनके चारों भाइयों ने हिंसा की ही थी। युधिष्ठिर क्षमा कर पाते थे क्योंकि वे चारों भाइयों के साथ थे, अकेले होते तो वे खुद ही जीवित नहीं होते।

आजकल लोग गांधीवाद की बात कर रहे हैं, क्योंकि सीमा पर चरखा नहीं बंदूक लिए जवान खड़े हैं। अब्दाली जैसा तालिबानी दिल्ली को लूट गया था, लेकिन अब देश के पास एक संगठित सेना है जो तकनीकी रूप से सक्षम है और समय आने पर मरने-मारने पर उतारू रहती है।

गांधी का चरखे से मतलब क्या था ?






चरखे का महत्व प्राचीन काल से ही है। घर की महिलाएँ अपनी दैनिक गतिविधि के रूप में कपड़ा कातती थीं, यह उनके दहेज का एक हिस्सा हुआ करता था। ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल के दौरान, अंग्रेज भारत से कच्चा कपास इंग्लैंड भेजते थे और तैयार माल भारत वापस आकर अत्यधिक कीमतों पर बेचा जाता था, जिससे भारतीय किसानों और आम लोगों को भारी नुकसान और गरीबी का सामना करना पड़ता था। 

महात्मा गांधी ने भारतीयों को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत करने के लिए चरखा उठाकर और अपना कपड़ा खुद कातने के लिए प्रोत्साहित किया। खादी या खद्दर के नाम से जाने जाने वाले चरखे से बुने गए कपड़े को कोर्स कपड़ा कहा जाता है।

चरखे ने आज़ादी दिलाई ये क्या एक मिथक है? 

कुछ लोगों ने चरखे का मतलब कुछ और निकाल दिया। चरखे का मतलब हम आपको बता चुके है लेकिन रही बात देश को आज़ाद करने की तो अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता, कहने का तात्पर्य है कि देश को आज़ाद करवाने में सुभाष चंद्रा, चंद्रशेखर, भगत सिंह, वीर सावरकर , लाला लाजपत राय, रानी लकक्ष्मीबाई, आदि अनेकों लोगों ने बलिदान दिया तब जाकर आज़ादी मिली।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस: एक महान क्रांतिवीर

     सुभाष चंद्र बोस का जन्म उड़ीसा में एक धनी परिवार में हुआ था। वे भारतीय सिविल सेवा में अधिकारी थे। उन्होंने 1921 में इस्तीफा दे दिया और गांधी और बाद में नेहरू के साथ राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लिया। हालाँकि, उनकी राजनीतिक मान्यताएँ गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीति की विशेषता वाले शांतिपूर्ण और समझौतावादी रवैये से कहीं ज़्यादा उग्रवादी और क्रांतिकारी थीं। 1941 में, उन्होंने हिटलर से मुलाकात की और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए जर्मनी की सहायता का अनुरोध किया।

    लेकिन इससे कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। उनके व्यवहार और हिंसा के साथ उनके समझौते ने कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं को दूर कर दिया था और इसने 1939 के कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनावों में दरार पैदा कर दी थी। बोस अडिग थे और उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।

  • भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सुभाष चंद्र बोस का योगदान महत्वपूर्ण था।
  • उनकी प्रतिबद्धता और नेतृत्व ने उन्हें एक महान देशभक्त बना दिया।
  • बोस और उनकी सेना ने युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
  • उनके प्रेरक भाषणों ने भारतीयों के मन पर अमिट छाप छोड़ी।
  • उनकी गतिविधियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का ध्यान आकर्षित किया।
  • बोस का योगदान भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास में अविस्मरणीय है।
  • उनकी साहसिकता और निष्ठा ने उन्हें एक अद्वितीय नेता बना दिया।

योगी के बुल्डोज़र का मतलब कुछ और..


जिस काल में अंग्रेजों ने भारत पर 200 साल राज किया ।भारतीयों पर राज किया, उस समय अहिंसा का केवल एक ही पुजारी था महात्मा गांधी, लेकिन  उन्होंने अपना योगदान दिया, देशवासियों का दिल जीता उन्हें एक जुट किया, अफ़्रीका में जाकर गौरा क़ाला का भेद मिटाया, चरखे से सूत कातकर लोगों को स्वावलंबी होने की प्रेरणा दी। 

    आज के समय में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुल्डोज़र भी चर्चा का विषय है । लोगों को ये तरीक़ा बेहद पसंद आ रहा है क्योंकि भू मफ़ियाओं, और गुंडों, हत्यारों, साज़िश करने वालों, रेप करना, डकैती करना जिन लोगों का पेशा था उस बुलडोजेर ने जो लगाम लगाई उसका प्रदेश ही नहीं पूरा भारत प्रशंसा कर रहा है। आतंकवाद पर क़ाबू पाने के लिए हिंसा की आवश्यकता होती है जैसे आर्मी, airforce, आदि । अब बुल्डोज़र और चरखे का मतलब तो आप समझ ही गए होंगे ।

संक्षिप्त प्रश्न जो लोग जानना चाहते है:

Q. योगी ने बुल्डोज़र से क्या किया ?

योगी ने बताया कि उन्होंने जो अवैध संपत्तियों को जब्त किया है और बुलडोजर चलाया जा रहा है, उन स्थानों पर दलितों और गरीबों के लिए नए घर, खेल के मैदान और अन्य सामाजिक जरूरतें पूरी की जाएंगी और उन्होंने गरीबों, किसानों और व्यापारियों को परेशान करने वाले माफिया को चेतावनी दी।

Q. योगी आदित्यनाथ क्यों प्रसिध है ?

योगी आदित्यनाथ को अजय मोहन सिंह बिष्ट के नाम से भी जाना जाता है, योगी आदित्यनाथ 5 जून 1972 को जन्मे थे। वे एक भारतीय हिंदू संन्यासी और राजनीतिज्ञ हैं, जो भारतीय जनता पार्टी में सेवारत हैं। उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं, जो वर्तमान में संपूर्णानंद को पछाड़कर आठ साल से अपना कार्यकाल चला रहे हैं।

Q. भारत का सबसे अच्छा मुख्यमंत्री कौन है ?

आठ बार लगातार, देश भर के उत्तरदाताओं ने आदित्यनाथ को 30 मुख्यमंत्रियों में सर्वश्रेष्ठ माना है।

Q. भारत को आज़ादी कैसे मिली ? 

अंग्रेजों के ख़िलाफ़ लगातार संघर्ष कर रहे हज़ारों क्रांतिकारी, और देशवासियों के बढ़ते आक्रोश को अंग्रेज समझ चुके थे । ऊपर से भारत की आजादी में भारत छोड़ो आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका भी है। यह आंदोलन 1942 में 8 अगस्त को शुरू हुआ था। इसके पश्चात्, इस आंदोलन के लगातार संघर्ष की वजह से 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश सरकार ने भारत को आजादी दी। इस खुशी के अवसर पर हर साल 15 अगस्त को देश भर में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। 

Q. 14 august को पाकिस्तान आज़ादी क्यों मनाता है ?

जून 1948 में, पाकिस्तान के पहले प्रधान मंत्री लियाकत अली खान के नेतृत्व में एक कैबिनेट बैठक के दौरान, एक सुझाव दिया गया था कि पाकिस्तान को भारत से पहले अपना स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहिए। जिन्ना ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और तारीख 14 अगस्त को इसे अंजाम दिया गया।

Q. क्या 14 August को पाकिस्तान आज़ाद हुआ था ?


जी नहीं , पाकिस्तान तो ग़ुलाम था ही नहीं जो आज़ाद होता,पाकिस्तान भारत का ही था । ये तो mohd. अली जिन्ना के कारण देश का बँटवारा हुआ था ना की आज़ादी मिली थी ।

Q. 1947 में बँटवारे के समय भारत ने पाकिस्तान को कितने पैसे दिए थे ?

भारत के ख़ज़ाने में 400 crore थे जिसने से 75 crore rupaye Pakistan को दिए थे ।

Q. क्या योगी का बुल्डोज़र से कार्यवाही करना उचित है 





योगी आदित्यनाथ का अपना तरीक़ा है जिससे उन्होंने गुंडाराज पर काफ़ी हद तक क़ाबू पा लिया है, जो लोगों को पसंद है?

Q. चरखा किसका प्रतीक है ?

यह चरखा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बन गया है क्योंकि इसने कपड़ा उद्योग के विकास में मदद की थी। चरखे का उपयोग भारत में 14वीं शताब्दी से ही शुरू हो गया था, जिससे यह आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया।

Q. गांधी जी ने चरखा क्यों चलाया?

यह चरखा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बन गया है क्योंकि इसने कपड़ा उद्योग के विकास में मदद की थी। चरखे का उपयोग भारत में 14वीं शताब्दी से ही शुरू हो गया था, जिससे यह आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया।

Q. चरखे से क्या बनता है ? इसका क्या महत्व है?

चरखा एक उपकरण है जो रेशों से धागा या सूत काटने के काम आता है। यह सूती कपड़ा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण था जब औद्योगिक क्रांति नहीं आई थी। इसके बाद, मशीनरी जैसे स्पिनिंग जेनी और स्पिनिंग फ्रेम ने आया, जिसने औद्योगिक क्रांति के दौरान चरखे को पुराना बना दिया।

निष्कर्ष: 

अब यदि प्रश्न उठता है कि आज़ादी चरखे से मिली तो उन लोगों का क्या जिन्होंने अपना सारा जीवन देश को समर्पित कर दिया। कहने का तात्पर्य ये है की देश को आज़ादी चरखे से नही लोगों के महत्वपूर्ण 

disclaimer: दोस्तों, इस आर्टिकल में जो भी लिखा है वो हमें पत्र पत्रिकाओं, अख़बारों, व अन्य लोगों की राय से लिखा हुआ है और हमारी पूरी कौशिश रहती है कि आपको सही जानकारी दो जाए फिर भी यदि कोई कमी रहती है हम इसके ज़िम्मेदार नही है।आपको ये article कैसा लगा हमें comment करके जरुर बताएँ।

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