Srimati Nirmala Sitaraman(FM)

 Finance Minister

निर्मला सीतारमन 

निर्मला सीतारमन कौन है? ||निर्मला सीतारमन का निजी जीवन||निर्मला सीतारमन राजनैतिक जीवन || निर्मला सीतारमन की एजूकेशन

निर्मला सीतारमन कौन है?

निर्मला सीतारमण के बारे में रोचक जानकारी है कि 

वे भाजपा की सदस्य हैं, लेकिन उनके पति कांग्रेस समर्थक हैं।

निर्मला सीतारमन का राजनैतिक कैरियर






1,  2019 में नरेंद्र मोदी ने फिर से सरकार बनाई और निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारी के साथ कैबिनेट में शामिल किया गया।
2. 2017 में निर्मला सीतारमण ने देश की पूर्णकालिक रक्षा मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
3. 2016 में उन्होंने कर्नाटक से दूसरे कार्यकाल के लिए राज्यसभा के लिए चुनाव जीता।
4. 2014 में निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा के लिए चुनाव जीता।
5. लेकिन दो साल बाद, 2016 में उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया।
2014
6, उन्होंने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पद को संभाला।
2008
7. उन्होंने 2008 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं।
2003
8, निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्यता को ग्रहण किया।

सीता रमन पहले क्या थीं?

     1986 में उन्होंने प्राइसवॉटरहाउस कूपर में एक वरिष्ठ पद पर रहीं और कुछ समय के लिए बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के लिए काम किया।

    1 feb. 2024 को वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने एक अनोखा रिकॉर्ड कायम किया।

निर्मला सीतारमण: मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं वित्त मंत्री बनूंगी।  यहां तक पहुंचने में किसने मदद की?

     वित्तमंत्री सीतारमन ने बताया कि उन्होंने कभी नही सोचा था वे मुख्यमंत्री बनेंगी।  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को वर्तमान में भारत के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में गिना जाता है. वह न केवल भारत की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, बल्कि वे सबसे लंबे समय तक लगातार वित्त मंत्री रहने वाली भी हैं. आपको यह आश्चर्य होगा कि उन्होंने कभी इसके बारे में सोचा नहीं था. उन्होंने खुद बताया मैंने सपने में भी नहीं सोचा था की एक दिन भारत की वित्त मंत्री बनेंगी।हालांकि वह न केवल इस उच्च पद तक पहुंची हैं, बल्कि कई रिकॉर्ड भी बना रही हैं|

भगवान ने वित्त मंत्री बनने में सहायता की

निर्मला सीतारमन अपने पति के साथ

बकौल सीतारमण के पास कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी, फिर भी उन्होंने एक दिन वित्त मंत्री के रूप में स्थान बनाया। क्या उन्होंने ऐसी कल्पना की थी? वह खुद बताती हैं कि ऐसी कल्पना कभी नहीं की थी। उन्होंने आध्यात्मिकता के साथ यह बताया है कि हमें सिर्फ भगवान से प्रार्थना करने के बजाय साथ में प्रयास भी करना चाहिए। हालांकि, हमें यह भी याद रखना चाहिए कि भगवान की इच्छा के बिना कोई अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकता।

    3,749 करोड़ रुपये के कर्ज का वितरण करते हुए, वित्त मंत्री ने कोयम्बटूर में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के दौरान, 1 लाख से अधिक लाभार्थियों के बीच ये कर्ज वितरित किए गए, जो क्रेडिट आउटरीच प्रोग्राम के तहत दिए गए थे। इसमें कोयम्बटूर क्षेत्र के किसानों के अलावा, 23,800 लोगों को रिटेल लोन और 2,904 लोगों को मुद्रा योजना के तहत कर्ज दिए गए।

इस तरह से शुरू हुई उनके कैरियर की शुरुआत।

     करियर की शुरुआत निर्मला सीतारमण ने 2014 में की थी। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में जूनियर मंत्री के रूप में नियुक्ति मिली थी। उन्होंने 2014 से 2017 तक स्टेट मिनिस्टर के पद पर कार्य किया। इस अवधि में उन्हें वित्त और कॉरपोरेट अफेयर्स जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2019 में उन्हें पूर्णकालिक वित्त मंत्री के रूप में नियुक्ति मिली, जिससे वह पहली महिला बन गईं जिसे यह उपलब्धि प्राप्त हुई। 2022 में फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया की सबसे ताकतवर 100 महिलाओं की सूची में शामिल किया था, जबकि फॉर्च्यून ने उन्हें सबसे ताकतवर भारतीय कहा था|

सीतारमण ने महिला सशक्तिकरण की नयी परिभाषा गढ़ी

     बांड ने विदेशों में धन जुटाने की घोषणा की है। उन्होंने शालीनता का परिचय देते हुए परंपरा से हटकर लाल रंग के कपड़े से बने बस्ते में ही बजट दस्तावेज लाना बेहतर समझा। उन्होंने कहा, ‘‘यह अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा है। इसके बजाए हमें भारतीय तौर-तरीकों को अपनाना चाहिए। भारतीय परंपरा में बही-खातों की भी पूजा की जाती है।’’ मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उनके रक्षा मंत्री रहते पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर जवाबी हमले हों या रक्षा उपकरणों की खरीद, सीतारमण ने महिला सशक्तिकरण की नयी परिभाषा गढ़ी और मोदी सरकार के कार्यकाल में अपना कर्तव्य बखूबी निभाया ।

वित्तमंत्रि सातवीं बार पेश करेंगी मोदी सरकार 3 का बजट पेश। बनेंगे उनके नाम कई रेकर्ड।

बजट 2024 की उम्मीदों की मुख्य बातें: संसद का आगामी सत्र 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। संसद के इस सत्र के दूसरे दिन वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। इस बीच आम धारणा के उलट अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि सरकार पूंजीगत खर्च में किसी तरह की कमी नहीं करेगी।

      निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को संसद में केंद्रीय बजट 2024-25 पेश किया, जिससे वह एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करेंगी। यह उपलब्धि उन्हें भारत की पहली वित्त मंत्री के रूप में स्थापित करेगी, जो मोरारजी देसाई के छह बजट पेश करने के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगी।

मोरारजी देसाई ने 1959 से 1964 तक भारत के वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया था और पहले पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट के साथ रिकॉर्ड बनाया था। उनके कार्यकाल ने भारतीय वित्तीय इतिहास में एक दीर्घकालिक बेंचमार्क स्थापित किया, जिसने पचास से अधिक वर्षों तक किसी भी वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किए गए सबसे अधिक बजट का रिकॉर्ड बनाए।


Disclaimer: फ़्रेंड्ज़, ये artical हमने पत्र पत्रिकाओं , न्यूज़ पेपर, और अन्य लेखों के माध्यम से लिखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जी बारे में हमें जो जानकारी हमें मिली वो बता दी गई है ।और साथ ही हमारा पूरा प्रयास रहता है की आपको उचित जानकारी दी जाए। लेकिन फिर भी इस आर्टिकल में कोई जानकारी ग़लत लिखी जाती है तो कृपया हम उसके ज़िम्मेदार नहीं है ।

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