Ram Mandir Ayadhya

 अयोध्या राम मंदिर: नई तस्वीरें दिखा रही हैं भव्य श्री राम मंदिर की अद्भुतता, जो अयोध्या में स्थापित हो रही है।

Ram mandir ayodhya photos: प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले श्री राम मंदिर के निर्माण का पहला चरण पूरा हो जाएगा। ट्रस्ट ने हाल ही में मंदिर की कुछ नई तस्वीरें साझा की हैं। चलिए, यहां दिखाते हैं ये


विवरण राम मंदिर, अयोध्या
राम मंदिर प्राणप्रतिष्ठा कब शुरू हुई 22 Jan. 2024
श्री राम मंदिर की कितनी मंज़िलें है तीन मंज़िल: पहली मंज़िल श्री राम,
दूसरी मंज़िल, माता सीता
तीसरी मंज़िल, हनुमान जी
राम मंदिर अयोध्या का इतिहास श्री राम का जन्म अयोध्या
में हुआ था, वहाँ एक भव्य
राम मंदिर भी था जिसे मुग़ल
 आक्रमणकारी बाबर ने तोड़
कर मस्जिद बनाई थी ।
राम मंदिर के निर्माण
कार्य में देश विदेश के श्रद्धालुओं ने जमकर दान किया।

- राम मंदिर की खासियत बहुत दिव्यता से दिख रही है।

- ट्रस्ट ने ताजगी से भरी हुई फोटो प्रदान की है।

- मंदिर के अंदर का काम भी पूरी तरह से सम्पन्न हो चुका है।

अयोध्या राम मंदिर: 

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। इसके निर्माण को पूरा करने की डेडलाइन दिसंबर 2025 तक रखी गई है, जो 2019 में भूमिपूजन के बाद से चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इसकी प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को करेंगे, जब निर्माण कार्य का पहला चरण पूरा हो जाएगा। इस दिन भगवान श्री राम को मुख्य गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के समय-समय पर अपडेट शेयर किए हैं और हाल ही में सोशल मीडिया पर मंदिर की ताजा तस्वीरें शेयर की तो आइए आप भी दर्शन कर सकते हैं|

श्री राम मंदिर की नवीनतम तस्वीरें आपके सामने हैं। अयोध्या में रामलला के विराजमान होने से लगभग 50 सालों से भी ज्यादा समय बाद यह संघर्ष सफलतापूर्वक पूरा हो रहा है। राम मंदिर का निर्माण कार्य अपनी पूरी गति पर चल रहा है और इसी बीच मंदिर ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर मंदिर की ताजा तस्वीरें शेयर की हैं।

मंदिर के गर्भगृह में इसकी प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा। यहां पर भगवान राम की मूर्ति स्थापित की जाएगी। अभी तक की जानकारी के अनुसार श्री राम के सिंहासन की ऊँचाई 3 फीट होगी और लंबाई 8 फीट होगी।

मंदिर के भीतर का दृश्य अत्यंत मनोहारी है। श्री राम के 5000 से अधिक स्तंभों पर विभिन्न आकृतियाँ बनाई जा रही हैं, जो पूरे मंदिर के परिसर में फैली हुई हैं। साथ ही, मंदिर ट्रस्ट ने प्राण-प्रतिष्ठा से पहले पूरे कार्यक्रम की योजना तैयार कर ली है।

हाल ही में, मंदिर ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए मंदिर की नई तस्वीरें साझा की हैं। इनमें मंदिर के पहले चरण का काम लगभग पूरा दिख रहा है। साथ ही, इसमें मंदिर के अंदर के फर्श का काम पूरा हो रहा है।

मंदिर के निर्माण के बारे में जब बात की जाती है, तो इन तस्वीरों में हमें राम मंदिर का नजारा दिख रहा है। यह बताना जरूरी है कि अब तक मंदिर के निर्माण कार्यों में 600 करोड़ से अधिक का खर्च हो चुका है।

2024 में अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन किस तारीख को हुआ। सुरक्षा के इंतजाम कैसे हैं, इसके बारे में जानने के लिए पढ़ें।

अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के लिए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने तैयारियों को तेज किया है। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतेजामों के साथ-साथ, 80 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन करने के भी इंतजाम किए गए हैं।

अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन की तैयारियां पूरे जोर-शोर से हो रही हैं. अयोध्या में राम मंदिर का भव्य उद्घाटन समारोह अगले साल 22 जनवरी 2024 को हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सहित करीब सात हजार लोगों को प्राण प्रतिष्‍ठा समारोह में आमंत्रित किया गया है. इसको देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं. राम मंदिर के उद्धाटन के दिन प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए भक्तों की भारी भीड़ अयोध्या में देखने को मिलेगी।

अयोध्या में सुरक्षा के इंतजाम कैसे है?

अयोध्या में सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कठोर इंतेजाम किए हैं। पुलिस के जवानों की तैनाती हर जगह होगी और सीसीटीवी कैमरे चौराहों और महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे। इससे अयोध्या में हो रही सभी गतिविधियों का निरीक्षण होगा। इसके साथ ही, अवैध ड्रोन के उड़ाने से बचने के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाएगा। प्रशासन रूट डायवर्ज के बारे में भी सूचना जारी करेगा ताकि लोगों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।

राम मंदिर के लिए कितना दान आ रहा है?

दान करने के लिए श्रद्धालु लगातार मंदिर को मिल रहा है। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का निर्माण हो रहा है और इसके लिए हर माह करोड़ों रुपये का दान जुट रहा है। रामलला के मंदिर के बैंक खाते में हर माह एक से डेढ़ करोड़ रुपये का दान आ रहा है जबकि दानपात्र में भक्तों द्वारा प्रतिदिन 60 से 70 लाख रुपये का दान दिया जा रहा है। मंदिर का निर्माण पूरा होने के साथ-साथ दान में बढ़ोतरी होगी और यहां प्रतिदिन 1 लाख श्रद्धालु आने की संभावना है। वर्तमान में रोज़ 50 हजार श्रद्धालु मंदिर के दर्शन करने आते हैं।

अयोध्या का विकास

      अयोध्या में चहुमुखी विकास की प्रक्रिया जारी है ताकि भगवान    श्रीराम के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ी मेहनत की है। अब तक उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में 32 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया है।

    इसके अंतर्गत अयोध्या को एक सुंदर नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही, अयोध्या में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बनाया जा रहा है ताकि यात्रियों को आने में कोई भी परेशानी न हो। 

    इसके साथ ही, अयोध्या के रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनके अलावा मठ-मदिरों का सुंदरीकरण किया जा रहा है और शहर में फोर लेन और सिक्स लेन मार्गों का निर्माण किया जा रहा है।

राम मंदिर के निर्माण में कितने मंजिलें है ?

राम मंदिर के निर्माण में कुल मिलाकर 3 मंजिलें है । प्रथम मंजिल में भगवान श्रीराम की मूर्ति स्थापित होगी, द्वितीय मंजिल में माता सीता की मूर्ति और तृतीय मंजिल में भगवान हनुमान की मूर्ति स्थापित होगी।

राम मंदिर के निर्माण में अभी कितना समय लगा?

साल 2023 के अंत तक राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है। इसके बाद यह मंदिर भगवान श्रीराम को समर्पित कर दिया जाएगा।

श्री राम मंदिर अयोध्या का इतिहास क्या है?

    हिन्दुओं के अनुसार, श्री राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और उनके जन्मस्थान पर एक विशालकाय मंदिर स्थापित था, जिसे मुग़ल आक्रमणकारी बाबर ने तोड़कर वहाँ एक मस्जिद बना दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में इस स्थान को मुक्त करने और वहाँ एक नया मंदिर बनाने के लिए एक लंबा आन्दोलन चला।

बाबर ने मंदिर कब तोड़ा था ?

   बाबर के आदेश पर अयोध्या में स्थित राम मंदिर को 1528 में तोड़ दिया गया था। बाबर के सेनापति मीर बाकी ने राम मंदिर के स्थान पर एक मस्जिद का निर्माण कराया जिसका नाम बाबरी मस्जिद रखा।

राम मंदिर में कितने मज़दूरों ने कामकिया?

     श्रीराम मंदिर की निर्माण यात्रा: 3500 मजदूर और 150 इंजीनियरों ने 41 महीने में पूरा किया मंदिर का पहला चरण, 2 साल और चलेगा काम ।अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख 22 जनवरी 2024 रखी गई थी ।

श्री राम ने कितने साल शासन किया ?

     भगवान राम ने अपने जीवन के 100 वर्षों तक शासन किया था। उनकी मृत्यु के समय उनकी आयु 110 वर्ष थी। इस अद्भुत और अद्वितीय जीवन की कहानी में, भगवान राम ने अपने शासनकाल में धर्म के मार्ग पर चलते हुए अपने प्रजाओं के लिए न्याय और समानता की स्थापना की। उन्होंने अपने राज्य को एक आदर्श राज्य बनाने के लिए कठिनाइयों का सामना किया और अपने लोगों के लिए सुख और समृद्धि की प्राप्ति के लिए प्रयास किया।

People Also Ask:

 लोगों ने ऐसे सवाल भी पूछे

Q. अयोध्या को पहले किस नाम से जानते थे?

   त्रेतायुग के समय में अयोध्या को कोसल के नाम से भी जाना जाता था, जैसा कि अयोध्या नगर निगम की वेबसाइट द्वारा बताया गया है। इसके बाद इसे साकेत और अयुद्धा नामों से भी जाना जाता था, जिसके बाद इसे अयोध्या कहा जाने लगा।

Q. अयोध्या राम मंदिर की वास्तविक कहानी क्या है?

    1885 में, 27 साल के बाद, राम जन्मभूमि के लिए लड़ाई अदालत में पहुंची। इस दौरान, निर्मोही अखाड़े के मंहत रघुबर दास ने फैजाबाद के न्यायालय में स्वामित्व को लेकर दीवानी मुकदमा दायर किया था। दास ने बाबरी ढांचे के बाहरी आंगन में स्थित राम चबूतरे पर बने अस्थायी मंदिर को पक्का बनाने और छत डालने की मांग की थी।

Q. राम लला की मूर्ति बनाने का श्रेय किसे मिला?

   अरुण योगीराज ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की मूर्ति का अनावरण किया। 'कृष्ण शिला' के नाम से जानी जाने वाली तीन अरब साल पुरानी चट्टान से बनी यह मूर्ति राम मंदिर के गर्भगृह की शोभा बढ़ा देती है।

Q. अयोध्या में राम की मूर्ति काली क्यों है?

51 इंच की मूर्ति कृष्ण शिला पत्थर से निर्मित है, जो एचडी कोटे और मैसूर जिलों में प्रामाणिक है। यह पत्थर काले रंग का है और इसका नाम "कृष्णशिला" इसलिए है क्योंकि इसका रंग भगवान कृष्ण के रंग के समान है।

Q. असली राम कैसे दिखते थे?

महर्षि वाल्मीकि ने रामायण में वर्णन किया है कि, भगवान श्री राम का चेहरा एकदम चंद्रमा की तरह चमकीला, सौम्य, कोमल और सुंदर था। उनकी आंखें कमल की भांति खूबसूरत और बड़ी थीं। उनकी नाक उनके चेहरे की तरह ही लंबी और सुडौल थी। उनके होंठों का रंग सूर्य के रंग की तरह लाल था और उनके दोनों होंठ समान थे।

Q. कितनी थी भगवान राम की उम्र?

वाल्मीकि जी के रामायण के अनुसार, भगवान राम जब वनवास जा रहे थे, तो उनकी उम्र 27 वर्ष थी। जब रावण से युद्ध के समय उनकी उम्र लगभग 38 से 40 के बीच मानी जाती है। भगवान राम लगभग 41 वर्ष की उम्र में अयोध्या लौटे थे और 11000 सालों तक जीवित रहकर राज्य किया था। 

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