बुजुर्गों के लिए सरकारी योजनाएं

 Senior Citizen Scheme || 

बुजुर्गों की देखभाल के लिए सरकार को किस प्रकार के कानून लाने चाहिए ?






   बुजुर्गों से लगातार छिनते सहारे और उनकी होती दुर्दशा के मद्देनजर स्कूली बच्चों की तरह बेसहारा बुजुर्गों को भी मध्याह्न भोजन योजना से जोड़ने का प्रयास हो रहा है, जो मौजूदा हालात में मील का पत्थर साबित हो सकता है। 
   इस योजना से देश के करोड़ों लोगों को लाभ होगा। जरूरत पारदर्शिता के साथ इस योजना को लागू करने की है, क्योंकि भारत जैसे सामाजिक ताने बाने से समृद्ध देश में भी बुजुर्गों की स्थिति दयनीय क्यों है? क्योंकि योजना में कहीं-कहीं भ्रष्टाचार की शिकायत मिली है। 

भारत में बुजुर्गों की स्थिति परिणाम
भारत में 60 वर्ष से अधिक कितने बुजुर्ग है 15.5 करोड़
बजुर्गों को कितनी पेन्शन मिलती है 1500/ माह, यह राज्यवार अलग हो सकती है
Senior Citizens Card के क्या लाभ है रेल्वे, बस,air ticket, इंकम टैक्स, में छूट,तथा FD में अधिक ब्याज
भारत में कितने बुजुर्ग अकेले जीवन यापन करते है 1.5 करोड़ लगभग

   आज देश में ऐसे बेसहारा बुजुर्गों की कमी नहीं, जिन्हें दो जून की रोटी भी नहीं मिल पाती। उनकी दशा बहुत खराब है। माना जा रहा है कि साल 2031 तक ऐसे निराश्रित बुजुर्गों की संख्या 31 करोड़ हो सकती है। इसीलिए सरकार ने समय से पहले ही उनकी सुध लेने की कोशिश की है। यह योजना आने वाले दिनों में मील का पत्थर साबित हो सकती है ।

भारत जैसे सामाजिक,संस्कारी देश में भी बुजुर्गों की दशा ख़राब क्यों है?

   आज भारत में बुजुर्गों की स्थिति दयनीय के पीछे सबसे बडा कारण आधुनिकता के ढोंग में संस्कारों से दूर भागना है। आज अपने से बडों का सम्मान करना, उनके लिए कुछ करने के लिए आधुनिक युग में जी रहे लोगों के पास समय नहीं है। हालांकि ये हालात सभी के लिए नही है कई जहां बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाती है।

   आजकल के समय में बच्चे अपने बड़े माता-पिता से जो शिक्षा प्राप्त करते हैं, वही व्यवहार वे बड़े होने पर अपने से बड़े व्यक्तियों के साथ करते हैं। आज के आधुनिक युग के माता-पिता इतनी व्यस्तता में रहते हैं कि वे अपने घर में बुजुर्गों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, जिसके परिणाम वे अकेला महसूस करते है।जिससे बच्चों को भी भविष्य में बड़े होकर वैसा ही व्यवहार अपने बड़ों से करने लग जाते है 

 हालांकि बुजुर्गों की स्थिति ख़राब होने के लिए कुछ परिस्थितियों के वो खुद भी जिम्मेदार होते हैं अत्यधिक पुत्रमोह में वह अपना सबकुछ उसे सौप तो देते हैं पर उनका ही पुत्र उन्हें बाद में वृद्धावस्था में कभी भी घर से बाहर तक निकाल देते हैं।

हालांकि सरकार निर्धन बुजुर्गों की स्थिति सुधारने के लिए उन्हें पेंशन, स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराती हैं पर वह पर्याप्त नहीं होती।

मतलब सार यही है आधुनिकता के युग में हमें अपने बुजुर्गों को भी साथ रखना चाहिए।


         क्या भारत सरकार द्वारा गरीब, विकलांग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई योजनाओं का लाभ उन तक पहुंच पाता है ?


    मेरे हिसाब से सरकार योजनाएं तो काफी अच्छी निकालती है पर किसी कारणवश वह सही लोगों तक पहुंच नहीं पाती हैं। या फिर यह कह लें कि सही लोगों को योजनाओं की जानकारियां भी नहीं है। वह लोग भी अपनी तरफ से कुछ भी एफर्ट नहीं करते हैं इन योजनाओं तक पहुंचने के लिए।

लोगों को सरकारी योजनाओं का ज्ञान नही है

    मैं भी भारत के एक गांव से ताल्लुक रखता हूं, वहां पर रोज शाम को छोटी-छोटी सभाएं होती हैं सारे दोस्त एक साथ मिलते हैं अखबारी खबरों के ऊपर बातें होती हैं, मुझे याद नहीं पड़ता कि शायद ही कोई इन योजनाओं के ऊपर बात करता होगा और ऐसा शायद हर गांव में हो रहा है। 

    मुझे लगता है कि सरकार अखबारी विज्ञापनों से उठकर अगर ग्रामीण लेवल तक जाकर और एक ऐसा सूचना परिचालन करें जिससे कि गांव गांव का आदमी उन योजनाओं के बारे में जाने।

  बाहर जाकर पता लगता है कि हमारी स्थिति क्या है बहुत सारे देशों में घूमने के पश्चात पाया कि हम कितने पीछे हैं और हमारा अस्तित्व क्या है। सच कड़वा तो है पर सुनना चाहिए भारत अभी भी काफी पीछे है। 

  • मैं समझता हूं की योजना की जानकारी समाज में सभी को देनी चाहिए लोगों को पता होना चाहिए कि इस वक्त सरकार कौन सी योजनाएं चला रही है, जानकारियां जब लोगों में साझा होंगी तभी इनका कोई उचित फायदा होगा। अभी तो मुझे नहीं लगता है कि जो योजनाएं आप ने पूछी हैं वह सही मायने में सही लोगों पर नहीं पहुंच पाती हैं।
  • बुजुर्गों के लिए ही नहीं बल्कि हर तरह की सरकारी योजनाएं भारत की वर्तमान मोदी सरकार ने सैकड़ों ऐसी योजनाये चला रखी है जिनके बारे में लोगों को पता ही नही चल पाता। विशेषकर गांव के लोगों को, दूर दराज के गांव में ऐसी योजनाओं के बारे में को घर घर पहुंचाने की, इसके लिए या तो गांव की पंचायत, या फिर कोई समाज सेवी संस्था ये काम कर सकती है।

क्या आयुष्मान भारत योजना का लाभ लोगों तक सही तरीके से मिल रहा है ?

बिल्कुल, आयुष्मान भारत योजना से कई गरीब लोगों को फायदा मिल रहा है। यह एक बहुत ही आसान और सरल स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मोदी केयर योजना भी कहा जाता है।

  केंद्र सरकार ने भारत के नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत भारत सरकार लाभार्थी को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती है। पीएम आयुष्मान भारत योजना के तहत 10 करोड़ लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीबों से वित्तीय बोझ को कम करना है।

सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के आंकड़ों के अनुसार, सरकार Ayushman Bharat Yojana के तहत लाभार्थियों को शामिल कर रही है। PM-JAY प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये का लाभ कवर प्रदान कर रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत भारत का कोई भी नागरिक आसानी से अपनी पात्रता की जाँच कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए ....

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आयुष्मान भारत 

प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना

Nai sarkari yojnaye 2023

सरकारी योजनाएं विलेजर्स

वरिष्ठ नागरिकों के लिए वार्षिक जांच में कोन कोन सी चीज होनी चाहिए ?


निम्नलिखित वे बीमारियाँ है जो बुजुर्गों को प्रतिवर्ष जाँच करवा लेनी चाहिये:~

रक्तचाप: मूक हत्यारों में से एक। अपने बीपी को नियंत्रित करना आपको स्ट्रोक, दिल के दौरे, गुर्दे की विफलता और मस्तिष्क स्ट्रोक से बचा सकता है।

ब्लड शुगर: उपवास और प्रसव के बाद। एक और मूक हत्यारा। अगर अनियंत्रित छोड़ दिया जाए तो हृदय रोग, किडनी रोग, संक्रमण, आंखों की क्षति और तंत्रिका क्षति हो सकती है।

लिपिड प्रोफाइल: खराब लिपिड के स्तर जैसे एलडीएल और कोलेस्ट्रॉल और एचडीएल जैसे अच्छे लिपिड को देखना।

ईसीजी: किसी भी पिछले दिल के दौरे के बारे में एक विचार दे सकता है। ये स्पर्शोन्मुख हो सकते हैं।

महिलाओं में स्तन की जाँच: 50 साल से ऊपर की महिलाओं में स्तन परीक्षण और मैमोग्राम के साथ स्तन कैंसर की जांच। साल में एक बार।

ग्रीवा के कैंसर की जांच : 3 साल में एक बार गर्भाशय 70 साल की उम्र तक एक पैप स्मीयर का उपयोग करना।

प्रत्येक 10 वर्षों में कोलोनोस्कोपी का उपयोग करके 50 वर्ष से अधिक उम्र के कोलन कैंसर की जांच या 5 वर्षों के बाद मल का रक्त परीक्षण और सिग्मायोडोस्कोपी।

मोतियाबिंद और रेटिना रोगों के लिए दृष्टि परीक्षण

एनीमिया को देखने के लिए पूरा रक्त गणना

KFT: गुर्दों की जाँच को देखने के लिए किडनी फंक्शन टेस्ट विशेष रूप से सीरम क्रिएटिनिन।

चिकित्सकीय मूल्यांकन

प्रोस्टेट कैंसर के लिए पुरुषों में सीरम पीएसए। हालांकि परीक्षण की भूमिका विवादास्पद है और अगर जल्दी पता चला तो अस्तित्व को लम्बा नहीं किया जा सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण रूप से एक डॉक्टर द्वारा एक अच्छा नैदानिक परीक्षण।

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विकलांगों के सरकारी योजनाएं

वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली मेडिकल सुविधाएं क्या है ? Senior citizen card कैसे बनता है ?

हमारे देश में अगर आप देखें वरिष्ठ नागरिकों बढ़ रहे है और ऐसे में उन्हें हर दिन  कोई ना कोई परेशानी से रूबरू भी होना पड़ता है इन्हीं सब समस्याओं को देखकर केंद्र सरकार ने अब उन सभी लोगों को सुविधा प्रदान करते हुए वरिष्ठ नागरिक कार्ड उपलब्ध कराने का कार्य किया है जिसे हम सीनियर सिटीजन कार्ड के नाम से जानते हैं जो कि देश के जितने भी 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक हैं उन्हें प्रदान किया जाता है और इसके माध्यम से अब उन्हें सभी सरकारी क्षेत्रों में सुविधा प्रदान की जा सके यदि आप भी एक वरिष्ठ नागरिक है और Senior Citizen Card बनवाना चाहते हैं उस के लिए आप ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं






Senior Citizen Card का लाभ

  • सीनियर सिटीजन कार्ड के माध्यम से देश के जितने भी 60 वर्ष या उससे अधिक के वरिष्ठ नागरिक हैं उन्हें तमाम प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती है।
  • Senior Citizen Card के माध्यम से रेलवे के किराए में वरिष्ठ नागरिकों को छूट मिलती है तथा उसके साथ ही साथ सीटों में भी आरक्षण प्रदान किया जाता है।
  • यदि कोई वरिष्ठ नागरिक हवाई यात्रा टिकट बुक कर रहा है तो सीनियर सिटीजन कार्ड होने पर उसे इसमें भी छूट प्रदान की जाएगी।
  • सामान्य लोग की तुलना में Senior Citizen Card धारक को Income Tax भी कम देना होता है और उन्हें Return भरने में भी छूट प्रदान की जाती है।
  • सीनियर सिटीजन कार्ड धारक को FD पर अन्य लोगों की तुलना पर अधिक ब्याज भी प्रदान किया जाता है।
  • देश के जितने भी सरकारी अस्पताल हैं वहां पर सीनियर सिटीजन को मुफ्त में दवाई और इलाज प्रदान की जाती है।
  • यदि कोई Senior Citizen, बीएसएनएल लिया एमटीएनएल का ग्राहक है तो उसे Registration Charge में छूट और Monthly Rental Charge में भी छूट प्रदान की जाती है।

सीनियर सिटीजन कार्ड हेतु पात्रता

  • Senior Citizen Card को प्राप्त करने के लिए आवेदन कर्ता की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदन कर्ता के पास स्थाई निवास प्रमाण पत्र उपलब्ध होना चाहिए।
  • सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने के लिए आप की मेडिकल रिपोर्ट भी होनी चाहिए। 

महत्वपूर्ण दस्तावेज:

Aadhaar Card

Voter ID Card

Income Certificate

Domicile Certificate

Age Certificate

Medical Report

Pan Card

Passport Size Photo

Mobile Number

Senior Citizen Card बनवाने के लिए आवेदन प्रक्रिया

यदि आप सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको सबसे पहले अपने राज्य के Senior Citizen Card एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

disclaimer: फ़्रेंड्ज़, ये artical हमने पत्र पत्रिकाओं , न्यूज़ पेपर, और अन्य लेखों के माध्यम से लिखा है। और साथ ही हमारा पूरा प्रयास रहता है की आपको उचित जानकारी दी जाए। लेकिन फिर भी इस आर्टिकल में कोई जानकारी ग़लत लिखी जाती है तो कृपया हम उसके ज़िम्मेदार नहीं है । 

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